आगरालीक्स…(Agra News 2nd June) ..आगरा से कोरोना मरीजों से अवैध वसूली करने वाले हॉस्पिटलों के खिलाफ दायर की गई जनहित याचिका हाईकोर्ट ने स्वीकार कर ली है। प्रदेश सरकार ने आगरा सहित प्रदेश के 68 अस्पतालों को नोटिस दिया है।
आगरा में कोरोना संक्रमित मरीजों से अप्रैल और मई में अधिक चार्ज वसूले गए। शासन स्तर से एनएबीएच से मान्यता प्राप्त अस्पतालों के लिए आईसीयू बेड के साथ वेंटीलेटर के 18 हजार, आईसीयू के 15 हजार रुपये निर्धारित किए गए। मगर, हॉस्पिटलों में मरीजों से एक दिन का चार्ज 35 से 50 हजार रुपये वसूला गया। इस मामले में हाईकोर्ट के आदेश पर महामारी लोक शिकायत समिति गठित की गई, समिति को शिकायत करने के बाद हॉस्पिटल संचालक मरीज और तीमारदारों को पैसे वापस कर रहे हैं। इस तरह के एक दर्जन मामले आगरा में आ चुके हैं।
आगरा से दायर की गई याचिका
इस मामले में आगरा के समाजसेवी गजेंद्र शर्मा ने इलाहाबाद में याचिका दायर की है। गजेंद्र शर्मा के वकली राहुल शर्मा ने ताया कि निजी हॉस्पिटल, नर्सिंग होम्स, डायग्नोस्टिक सेंटर, पैथोलॉजी लैब्स में कोरोना मरीजों से मनमाना चार्ज वसूला गया। लाखों के बिल बनाए गए, आक्सीजन का चार्ज अलग से वसूला गया, कई मामलों में 20 से 50 गुना तक चार्ज वसूला गया। किसी भी स्तर पर पारदर्शिता नहीं बरती गई, शिकायत करने पर पैसे वापस मिल गए लेकिन अस्पतालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। याचिका में सुबूत के साथ निजी कोविड हास्पिटलों में मरीजों से वसूले गए अधिक चार्ज को पेश किया गया है। हाईकोर्ट द्वारा स्वीकार की गई याचिका में राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और कोविड उपचार से जुडी अथारिटी को प्रतिवादी बनाया गया है।
68 हॉस्पिटलों को भेजा गया नोटिस
उधर, यूपी सरकार ने निजी कोविड हास्पिटलों द्वारा की गई मनमानी वसूली के खिलाफ सख्ती कर दी है,प्रदेश के 68 हॉस्पिटल संचालकों को नोटिस जारी किए गए हैं। इसके बाद हॉस्पिटल संचालकों पर कार्रवाई की जाएगी।
