आगरालीक्स… आगरा सहित पूरे प्रदेश में 15 जुलाई से 50 माइक्रॉन तक की पॉलिथीन के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगने जा रहा है। इसके लिए 10 जुलाई तक तैयारियां करने के निर्देश दिए हैं, इसके बाद आदेश जारी किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यहां तक कहा कि प्लास्टिक के कप व गिलास पर भी प्रतिबंध लग जाएगा। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद शुक्रवार को इस मुद्दे पर मुख्य सचिव डॉ. अनूप चंद्र पांडेय और प्रमुख सचिव नगर विकास व पर्यावरण विभाग के अधिकारियों ने कई घंटे तक मंथन किया।
स्थानीय निकाय निदेशालय के नवनिर्मित भवन के लोकार्पण के मौके पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने नगर विकास विभाग को 15 जुलाई से प्रदेश में 50 माइक्रॉन तक के पॉलिथीन के प्रयोग पर रोक लगाने का निर्देश दिया था। इस टाइमलाइन को देखते हुए नगर विकास विभाग ने इस संबंध में पहले जारी हो चुके आदेशों व अधिनियमों का अध्ययन कर नए सिरे से पॉलिथीन के प्रयोग पर रोक लगाने की रूपरेखा तैयार की है। इसे ही मुख्य सचिव के सामने रखा गया।
प्रतिबंध का आ सकता है अध्यादेश
पर्यावरण विभाग ने 22 दिसंबर 2015 को अधिसूचना जारी कर सभी तरह के पॉलिथीन पर प्रतिबंध लगाने की बात कही थी। इसी मंशा के मुताबिक प्रदेश में अगर सभी तरह के पॉलिथीन पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया गया तो सरकार को अध्यादेश लाना पड़ेगा। प्रदेश में पॉलिथीन के प्रयोग पर प्रतिबंध लगाने की कवायद वर्ष 2000 में शुरू हुई थी, लेकिन इस बारे में अलग-अलग अधिनियमों के चलते अब तक इस पर अमल नहीं हो सका है। एक तो नगर विकास विभाग द्वारा वर्ष 2000 में ‘उप्र प्लास्टिक और अन्य जीव अनाशित कूड़ा-कचरा अधिनियम-2000’ लागू किया गया था।
इसके तहत 20 माइक्रॉन से कम की पॉलिथीन के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने की व्यवस्था है। जबकि पर्यावरण विभाग के 22 दिसंबर 2015 में जारी अधिसूचना में सभी तरह के पॉलीथिन के प्रयोग पर प्रतिबंध लगाने की बात कही गई है। इसी तरह केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय की अधिसूचना में अब 50 माइक्रॉन से नीचे वाले पॉलिथीन को पर्यावरण के लिए खतरनाक बताया गया है।