आगरालीक्स… आगरा की सेंट्रल जेल में कैदी रिहाई के लिए भूख हडताल पर हैं, कैदियों की तबियत बिगडने से खलबली मची हुई है। जेल के डाक्टर ने इनका चेकअप किया। कैदियों को मनाने की तमाम कोशिशें फेल हो चुकी हैं।
सेंट्रल जेल में 2000 कैदी हैं। इनमें उम्र कैद की सजा पाए 350 ऐसे कैदी हैं, जो 14 साल या इससे अधिक की सजा काट चुके हैं। सभी रिहाई की मांग कर रहे हैं। इनमें से पहले 20 ने खाना छोड़ा। इसके बाद संख्या बढ़कर 100 हो गई। अन्य कैदी भूख हड़ताल पर नहीं हैं लेकिन धरने पर बैठ हैं। बुधवार को कई कैदियों की हालत बिगड़ गई थी। गुरुवार को भी इन्होंने खाना नहीं खाया। इससे तबीयत और खराब हो गई। अधिकारियों ने इनसे बात की लेकिन नहीं माने। यह कैदी आगरा, अलीगढ़, सहारनपुर, मेरठ और मुरादाबाद मंडल के हैं। शरद कुमार डीआईजी, जेल के अनुसार 14 साल से ज्यादा सजा काट चुके बंदियों की रिहाई के लिए प्रयास लगातार चल रहे हैं। 104 बंदियों की रिहाई के लिए आईजी जेल को पत्र भेजा जा रहा है
100 बंदियों की रिहाई की उम्मीद जगी
रिहाई के लिए हड़ताल कर रहे कैदियों में से 100 की लिस्ट तैयार हो गई है। यह रिहाई के लिए फार्म ए भरकर गुजारिश पहले ही कर चुके हैं लेकिन इस पर गौर नहीं किया गया था। अब नए सिरे से लिस्ट बनी है। इसे आईजी जेल को भेजा जाएगा। वहां से शासन को संस्तुति की जाएगी। इसके बाद शासन को राज्यपाल के पास भेजना है। रिहाई का फैसला राज्यपाल करते हैं। इसके अलावा एक और रास्ता है दया याचिका का। इसमें ऐसे कैदियों की रिहाई कराई जाती है जिनकी उम्र ज्यादा हो। जेल प्रशासन ने दया याचिका तैयार कराने के लिए जेल में काउंटर लगवाए लेकिन कैदियों ने मना कर दिया। उनका कहना है कि उनकी रिहाई फार्म ए के तहत की जाए।
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