आगरालीक्स.. आगरा में शातिरों ने एडीए के एकाउंट से चेक क्लोनिक कर 30 लाख रुपये निकाले,
आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) का फतेहाबाद रोड स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा में बचत खाता है। इसकी चेकबुक एडीए कार्यालय में रखी थी। शातिरों ने इन चेक के क्लोन कर लिए। एडीए के क्लोन चेक से बाबूराम नामक व्यक्ति के नाम चेक काटे गए। 14 अगस्त को 4.50 लाख रुपये का पहला चेक यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया, फरीदाबाद में लगाया गया। बैंक में एडीए के जिस मोबाइल नंबर पर एसएमएस अलर्ट की सुविधा थी, वह काफी समय से बंद था। इसलिए बैंक ने भी यह चेक क्लियर कर दिया। इसके बाद 15 सितंबर को 9.15 लाख रुपये का चेक फिर बाबूराम के नाम से कोटक म¨हद्रा बैंक, फरीदाबाद में लगाकर भुगतान प्राप्त किया गया। तीसरा चेक 20 सितंबर को उसी नाम से बैंक ऑफ महाराष्ट्र, फरीदाबाद में लगाया गया।
तीन चेक से निकाले 30 लाख
तीन बार में शातिर ने 29.85 लाख रुपये पार कर लिए। एडीए अधिकारियों ने जब खाते का बैलेंस चेक किया, तब इस हेराफेरी की जानकारी हुई। बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य प्रबंधक उपेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने शुक्रवार को मामले की शिकायत एसएसपी से की। एसएसपी अमित पाठक ने साइबर सेल को मामले की जांच सौंपी है। इस मामले में एडीए कर्मियों और बैंक अधिकारियों की मिलीभगत होने की भी आशंका जताई जा रही है।
खाते कराए फ्रीज
एडीए के दर्जनभर खाते डेबिट फ्रीज कराए गए हैं। वित्त विभाग ने 12 बैंकों के मैनेजरों को खाता फ्रीज कराने के लिए कहा था। शुक्रवार सुबह सभी खाते फ्रीज कर दिए गए। सूत्रों के अनुसार, एडीए द्वारा विभिन्न मदों में हर माह डेढ़ से दो करोड़ रुपये का भुगतान किया जाता है। एडीए के खाते यूनियन बैंक, पीएनबी, बैंक ऑफ बड़ौदा, आइसीआइसीआइ, एचडीएफसी सहित अन्य में हैं। एडीए द्वारा बैंक खाते डेबिट फ्रीज कराने से ठेकेदारों में खलबली मच गई है। ठेकेदारों को पिछले सप्ताह चेक जारी हुए हैं। यह चेक दस लाख से लेकर एक करोड़ रुपये के हैं। अब चेक का भुगतान नहीं होगा। दिल्ली की आइसीआइसीआइ बैंक से फोन के बाद दर्जनभर खातों को डेबिट फ्रीज करा दिया गया है। प्रत्येक भुगतान पर नजर रखी जा रही है।