आगरालीक्स …आगरा में धारा 144 लागू कर दी गई है, डीएम गौरव दयाल ने कहा है कि भ्रष्टाचार नहीं होना चाहिए।
सोमवार को जिलाधिकारी गौरव दयाल ने कलेक्ट्रेट सभागार में राजस्व कार्यों की मासिक समीक्षा बैठक में कहा कि तहसीलों में एस़डीएम की जिम्मेदारी है कि उनके यहां किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार नहीं होना चाहिए जिसके लिए अधीनस्थों को स्पष्ट रूप से बता दें। उन्होंने बताया कि कलेक्ट्रेट सहित तहसील स्तर से जो भी प्रमाण पत्र जारी होते हैं उनमें पूर्ण पारदर्शिता के साथ कार्य होना चाहिए, जिससे आम आदमी को अनावश्यक परेशानी न हो। सभी एसडीएम, तहसीलदार अपने कार्यालयों में बैठकर प्रातः 10 से 12 बजे तक जन शिकायतें सुनकर प्राथमिकता के आधार पर फरियादी की समस्या का समाधान समयबद्ध और अंतिम रूप से करें, ताकि फरियादी को अनावश्यक रूप से परेशान न होना पड़े। तहसीलों में स्वच्छता अभियान के अन्तर्गत कार्यालयों की विशेष साफ-सफाई पर ध्यान दें, ताकि आगन्तुक को भी लगे कि वह उस कार्यालय में गया था और कितनी अच्छी साफ-सफाई तथा सौन्दर्यीकरण की व्यवस्था है।
महानगर में 06 जून तक धारा-144 लागू-एडीएम सिटी
अपर जिला मजिस्ट्रेट (नगर) धर्मेन्द्र सिंह के अनुसार आगरा महानगर में आगामी माहों में होने वाले विभिन्न धार्मिक पर्वों, लोक सेवा आयोग, कर्मचारी चयन आयोग द्वारा संचालित परीक्षाओं एवं अन्य परिस्थितियों के दृष्टिगत आम जन-जीवन एवं सार्वजनिक सम्पत्तियों की सुरक्षा व शान्ति व्यवस्था स्थापित रखने हेतु आगामी 06 जून तक धारा-144 लागू रहेगी। बिना पूर्व अनुमति के किसी भी सार्वजनिक स्थल पर धरना, प्रदर्शन, झांकी अथवा जलूस नहीं निकाले जायेंगे। सार्वजनिक मार्गों पर जाम नहीं लगाया जायेगा।
उन्होंने बताया कि कोई भी परीक्षार्थी परीक्षा केन्द्र के अन्दर मोबाइल फोन, पेजर, इत्यादि इलेक्ट्रोनिक सामान, किताब नोट्स आदि नहीं ले जा सकंेगे। परीक्षा केन्द्रों के संचालन करने अथवा निरीक्षण करने हेतु अधिकृत व्यक्तियों, ड्यूटी पर तैनात व्यक्तियों के अलावा कोई भी व्यक्ति परीक्षा केन्द्र से 200 मीटर की परिधि में नहीं जायेगा तथा परीक्षाओं के संचालन में कोई बाधा उत्पन्न नहीं करेगा। परीक्षा केन्द्र के आस-पास फोटोस्टेट की दुकानें बन्द रहेगी। आगरा महानगर के व्यस्ततम मार्ग एमजी रोड एवं ताजव्यू होटल से मुगल होटल तक बरातों के जुलूस जन सुविधा के दृष्टिगत नहीं निकाले जायेंगे। उपरोक्त आदेश के अन्तर्गत महानगर आगरा के लिये अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में नगर मजिस्ट्रेट एवं समस्त अपर नगर मजिस्ट्रेट अनुमति देने के लिये सक्षम हांेगे। उपरोक्त आदेश की किसी धारा या अनुच्छेद का उल्लंघन भारतीय दण्ड विधान की धारा 188 के अन्तर्गत दण्डनीय अपराध होगा।
Leave a comment