आगरालीक्स…(2 September 2021 Agra News) आगरा में आज दीक्षा कल्याणक के मंगल प्रसंग पर गुरुवर श्री प्रणम्य सागर जी ने केशलोच करके दीक्षा कल्याणक को साक्षात प्रकट कर दिया
शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में चल रही श्री पार्श्वनाथ कथा
श्री 1008 शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर हरी पर्वत परिसर में श्री पार्श्वनाथ कथा परम पूज्य अर्हं षयोग मुनि श्री 108 प्रणम्य सागर जी महाराज के द्वारा चल रही है. इस कार्यक्रम का शुभारंभ आज मुनिराज के पाद प्रक्षालन का परम सौभाग्य हीरालाल बैनाड़ा के परिवार द्वारा किया गया. मंगलाचरण बालिका मंडल ने नृत्य प्रस्तुत के साथ किया. इसके बाद मुनि श्री ने बताया कि आज पार्श्वनाथ कथा वैराग्य की ओर बढ़ रही है पारस कुमार के अंदर वैराग्य के भाव उत्पन्न हो रहे हैं. मोक्ष मार्ग पर चलने के लिए जीव के अंदर स्वयं ही भाव उत्पन्न होते हैं. पारस कुमार विचार कर रहे है कि मैंने स्वर्ग मे देव बनकर इतने भोग भोगे हैं और जब वहां तृप्ति नहीं हुई तो यहां मनुष्य जीवन में क्या तृप्ति होगी. जो सोचता है कि तृप्ति होगी तो वह आग में घी डालकर सोचता है कि आग बुझ जाएगी. यह जीव की स्थिति मोह के कारण, भ्रम के कारण है. इंद्रियों के सुख से बहुत अच्छे लगते हैं लेकिन फल बहुत कड़वा होता है. यह जीव की स्थिति मोह के उदय के कारण से ऐसी लगती है कि उसे मोह के कारण सभी इंद्रिया सुख अच्छे लगते हैं. यह उसके मोह का परिपाक है. यह जीव मोह से मोहित होकर संसार में अनादि काल से भ्रमण करता रहता है. अच्छी सीख नहीं मानता. भोग भोगते हुए अनेक पाप करता रहता है. पारस कुमार का वैराग्य भाव, वन की ओर गमन, शिला पर बैठकर नमः सिद्धि कहकर केश लोच करते हुए तृण और स्वर्ण को एक समान मानते हुए, सब जीवों में समता का भाव धारण करते है. इन सब का बहुत सुंदर वर्णन आज गुरुवर ने किया है.

इनकी रही उपस्थिति
शामली से आय बीजेएस के सदस्य मोहित जैन का आगरा दिगंबर जैन परिषद के प्रतिनिधि ने स्वागत किया. भगवान पारस नाथ एवं मुनिराज की मंगल आरती शामली से आए भक्तों द्वारा की गई. इस मौके पर अनंत जैन,अशोक जैन,मनोज जैन, सतीश जैन,निर्मल मौठया,अनिल रईस,अमित सेठी,दीपक जैन राजेंद्रप्रसाद जैन,संजीव जैन,शुभम जैन,ऊषा मारसंस, ऊषा मोठया,समस्त आगरा सकल जैन समाज के लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहे.