
एसएन के अधिकांश चिकित्सक प्राइवेट प्रैक्टिस करते हैं। इसमें से कुछ चिकित्सक ऐसे हैं जो कॉलेज में बहुत कम समय के लिए आते हैं तो कई ने कॉलेज में आने वाले मरीजों को परामर्श देने के लिए भी पफीस लेना शुरू कर दिया है। इसके बाद प्राचार्य डॉ एसके गर्ग ने सभी विभागाध्यक्षों को पत्र लिखा है, इसमें कहा गया है कि नौ नवंबर तक सभी चिकित्सक 10 रुपये के स्टांप पर प्राइवेट प्रैक्टिस न करने का शपथ पत्र दें, इसके बाद से डॉक्टरों में खलबली मची हुई है।
प्राइवेट प्रैक्टिस की शिकायत
एसएन के सर्जरी विभाग, नेत्र रोग विभाग और बाल रोग विभाग के एक एक चिकित्सक के प्राइवेट प्रैक्टिस करने की शिकायत की गई है, इसमें वे जिस निजी हॉस्पिटल में मरीजों से फीस लेकर इलाज कर रहे हैं, इसका ब्योरा भी दिया गया है। इस मामले में एसएन प्रशासन द्वारा जांच कराई जा रही है।
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