आगरालीक्स… आगरा में सेंट पीटर्स कॉलेज परिसर स्थित चर्च में माता मरियम की मूर्ति के शीशे को तोड दिया, मिटटी का तेल डालकर आग लगाने की कोशिश की, एक युवक को पब्लिक ने पकडा। उसकी जमकर धुनाई लगाई, युवक नाइजीरिया का बताया जा रहा है, पुलिस मामले की छानबीन में जुटी हुई है।
संजय प्लेस स्थित सेंट पीटर्स कॉलेज परिसर में निष्कलंक माता महागिरजाघर है। इसमें माता मरियम की मूर्ति है, जो शीशे से कवर है। पुरोहित फादर जोजेफ के अनुसार शनिवार शाम एक युवक गिरजाघर पहुंचा और मूर्ति पर पत्थर फेंका। इससे उसके चारों ओर लगा शीशा टूट गया। इसके बाद युवक ने मूर्ति पर पेट्रोल छिड़कर आग लगाने को मोमबत्ती जलाकर मूर्ति की ओर फेंकी। लेकिन मोमबत्ती मूर्ति से अलग जाकर गिरी, इसलिए आग नहीं लगी। इसे देख चौकीदार राजू ने शोर मचा दिया, लोगों ने युवक को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
पूछताछ में युवक ने बताया कि वो तंजानिया के डोडोमा राज्य का रहने वाला है। उसने अपना नाम रॉडट्रिक्स अमन किविया बताया। करीब सात साल से वह आगरा में है। वर्तमान में आवास विकास कॉलोनी के सेक्टर पांच में रहता है और बरहन स्थित देव कॉलेज से एमकॉम की परीक्षा दे चुका है, रिजल्ट का इंतजार है।
इंस्पेक्टर हरीपर्वत राजा सिंह ने बताया कि युवक के खिलाफ धार्मिक भावनाएं भड़काने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। तंजानियाई उच्चायोग को भी सूचना दी जा रही है।
धक्का मारकर निकाल दिया था बाहर
तंजानियाई युवक ने थाने में बताया कि वह भी ईसाई है। प्रार्थना सभाओं में भी वह जाता है। डेढ़ माह पहले वह गिरजाघर में गया था। वहां उसने लोगों से कहा था कि मूर्ति पूजा बाइबिल में प्रतिबंधित है। हमें बाइबिल को मानना चाहिए। उसका आरोप है कि लोगों ने वहां से उसे धक्का मारकर बाहर निकाल दिया था। तबसे उसके मन में गुस्सा था, इसीलिए उसने शनिवार को मूर्ति तोड़ने का प्रयास किया।
गिरजाघर में हुई विशेष प्रार्थना सभा
मूर्ति क्षतिग्रस्त होने पर वहां शहर का ईसाई समाज जुट गया। शाम छह बजे गिरजाघर में विशेष प्रार्थना सभा हुई।
16 अप्रैल 2016 को सेंट मैरीज चर्च में माता मरियम की मूर्ति की क्षतिग्रस्त

वहीं सुबह आइजी जोन डीसी मिश्रा ने सुराग देने पर 15 हजार का इनाम देने की घोषणा की है। उधर, पुलिस जांच में टिस्वट आ गया है। इस मामले में पुलिस ने आगरा पंचकुइया कब्रिस्तान में रहने वाले चार लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है। सूत्रों के मुताबिक, 15 अप्रैल की रात को चर्च में पफादर डाबरा की शादी का सिल्वर जुबली कार्यक्रम मनाया गया था। यहां दो फादरों में आपस में विवाद हो गया। हंगामा करने पर एक पक्ष के लोगों ने दूसरों को बाहर निकाल दिया। इस घटना के बाद पुलिस ने चर्च के रसोईये सहित आठ लोगों को हिरासत में लिया गया था। इन सभी को चर्च के पदाधिकारियों ने पुलिस की हिरासत से छुडवा लिया। इसके बाद 11 और लोग पकडे गए, इन्हें भी पदाधिकारियों ने पुलिस की क्लीन चिट दिलवा दी।
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