आगरालीक्स… देश भर के शिक्षण संस्थानों की स्वच्छता रैंगिंग में यूपी से एक मात्र आगरा के डीईआई ने बाजी मारी है, डीईआई का पांचवां स्थान हैं। यहां सुबह से ही छात्र छात्राएं झाडू लेकर सफाई में लग जाते हैं। परिसर में गंदगी नहीं फैलाते हैं और सफाई भी करते हैं। इसलिए डीईआई को पांचवीं रैंक मिली है।
देश के शिक्षण संस्थानों की रैंकिंग वहां की पढ़ाई के स्तर को लेकर ही होती थी. लेकिन अब देश के शिक्षण संस्थानों और वहां पढ़ने वाले छात्र-छात्रों के बीच स्वच्छता को लेकर जागरुकता पैदा करने के लिए मानव संसाधन मंत्रालय ने गुरुवार को स्वच्छता रैंकिंग जारी की. केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावडेकर ने पुरस्कार जीतने वाले शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया.
टॉप 5 विवि
विश्वविद्यालय स्तर पर हरियाणा सोनीपत की ओ.पी. जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी को पहला स्थान मिला. दूसरे स्थान पर राजस्थान जयपुर की मणिपाल यूनिवर्सिटी, तीसरे पर हिमाचल प्रदेश सोलन की चितकारा यूनिवर्सिटी, चौथे पर कर्नाटक के बेलगाम की केएलई एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन एंड रिसर्च और पांचवे स्थान पर उत्तर प्रदेश के आगरा का दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट रहा.
तीन और श्रेणियों की जारी की सूची
तीन और श्रेणियों के तहत उच्च शिक्षण संस्थानों को सम्मानित किया गया. कॉलेजों की श्रेणी में तमिलनाडु के इरोड के कोंगु आर्टस एंड साइंस कालेज ने पहला स्थान प्राप्त किया. दूसरे नंबर पर महाराष्ट्र पुणे का विद्या प्रतिष्ठांस आर्टस, कॉमर्स एंड साइंस कॉलेज, तीसरे पर तमिलनाडु चेन्नई का रामाकृष्ण मिशन विवेकानंद कालेज, चौथे पांचवे और छठे स्थान पर तमिलनाडु के ही विवेकानंद कालेज ऑफ आर्ट्स एंड साइंस, एसएनआर संस कॉलेज और केजी कालेज ऑफ आर्टस एंड साइंस रहा.
आगरा में 15 सितम्बर से स्वच्छता ही सेवा’
स्वच्छता ही सेवा’’ वृहद अभियान के अंतर्गत 15 सितम्बर से 2 अक्टूबर, 2017 तक अभियान अवधि में शौचालय निर्माण की दैनिक प्रगति हेतु निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष वर्तमान दैनिक प्रगति से कम से कम पांच गुना अधिक शौचालयों का निर्माण प्रतिदिन कराया जाये। जिलों की समस्त ग्राम पंचायतों में स्वच्छता श्रमदान के आयोजन के साथ ’’स्वच्छता ही सेवा’’ अभियान के शुभारम्भ के अवसर पर मा0 मंत्रीगणों, सांसदों एवं विधायकों को भी आमंत्रित किया जाये। अभियान अवधि में दो गड्ढ़े वाले लीच पाॅट शौचालय की तकनीक एवं उपयोगिता एवं उसकी सफाई की जानकारी ग्रामीण समुदाय को दी जाय तथा जनपद को खुले में शौच से मुक्त घोषित करने की दिशा में निर्धारित दैनिक लक्ष्य के अनुरूप शौचालयों का निर्माण कराते हुए अधिक से अधिक ग्रामों को महात्मा गांधी जयंती के अवसर पर खुले में शौच मुक्त घोषित कराया जाय।