आगरालीक्स.. आगरा में लोगों के मुंह में मिठाई की दुकानों को देखकर मुंह में पानी आ रहा है लेकिन कोरोना संक्रमण को देखते हुए दुकानों पर पहुंचने में उनके कदम थम से रहे हैं लेकिन मिठाई कारोबारी मिठाई बनाने में स्वच्छता के उच्च मानक अपना रहे हैं। इससे ग्राहकों का भी भरोसा बढ़ रहा है।
लॉकडाउन खुलने के बाद से ही मिठाई कारोबारियों ने सुरक्षा व स्वच्छता के यह कदम उठाए है। कारोबारी शिशिर भगत बताते हैं कि उनके यहां कारीगरों के कारखाने में प्रवेश से पहले उनका तापमान चेक किया जाता है। इसके बाद प्रत्येक कारीगर को सेनेटाइजेशन की प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। कैप, मास्क के साथ पूरे सुरक्षा इंतजामों के साथ वह मिठाइयों को बनाना शुरू करते हैं, जिन मिठाइयों को बनाने में दस्तानों का प्रयोग हो सकता है, उनका भी प्रयोग किया जाता है। काम खत्म होने पर एक बार फिर फिर इस प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है।
गोपालदास पेठेवाले के स्वामी अमित गोयल का कहना है कि लॉकडाउन खुलने के साथ ही सुरक्षा व स्वच्छता को प्राथमिकता दी जा रही है। कारीगरों को कारखाने में हाथ-पैर के सेनेटाइजेशन के बाद ही प्रवेश दिया जाता है। तापमान चेक कर रजिस्टर में दर्ज किया जाता है। उच्च गुणवत्ता के मास्क, गलब्स कारीगरों को प्रतिदिन उपलब्ध कराए जाते हैं। ग्राहकों का तापमान भी नापा जाता है। ग्राहकों के लिए ऑटोमेटिक सेनेटाइजेशन मशीन लगा रखी है। ग्राहकों को गुणवत्ता के साथ मिठाई दी जाती है। इसके बावजूद ग्राहक अतिरिक्त सुरक्षा चाहता है तो उसकी मिठाई को यूवी स्ट्ररलाइजर केबिनेट में रखने के बाद पैक कर दिया जाता है।

दाउजी मिष्ठान्न के स्वामी जय अग्रवाल बताते हैं कि लॉकडाउन खुलने के बाद से ही प्रत्येक कारीगर के पूरे स्वास्थ्य का रजिस्टर तैयार किया गया है, जिसमें उसके प्रतिदिन के तापमान के साथ उसकी स्थिति का ब्योरा रखा जा रहा है। 85 प्रतिशत कारीगरों के कारखानों में ही रुकने और रहने-खाने की सुविधा प्रदान की गई है, जिससे कि वह किसी बाहरी संक्रमण के प्रभाव से बच सकें।