नईदिल्लीलीक्स… ( 7 Sepetember ) । टीम इंडिया की नजर 50 साल का रिकॉर्ड तोड़ने के बाद अब 85 साल का रिकॉर्ड को तोड़ने पर है। टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने हाथ से दुंदभी (रणसिंघा) बजाकर इसका इशारा करने की भी कोशिश की है।
मैनचेस्टर में नहीं मिली है जीत

टीम इंडिया ओवल में जीत के बाद जश्न मनाती हुई।
टीम इंडिया ने ओवल के मैदान पर 1971 के बाद 2021 में इंग्लैंड पर जीत हासिल कर रिकॉर्ड बनाया है। सीरीज का अंतिम टेस्ट मैच 10 सितंबर से मैनचेस्टर में खेला जाना है। इस मैदान पर भी भारत का रिकॉर्ड अच्छा नहीं है।
नौ में से चार मुकाबले हारे हैं
टीम ने यहां 1936 से अब तक यानी 85 साल में 9 टेस्ट खेले हैं। इन सभी मैचों में से एक में भी टीम को जीत नहीं मिली है। भारत ने 4 मुकाबले टीम ने गंवाए हैं, जबकि 5 मुकाबले ड्रॉ रहे हैं। 2014 में खेले गए अंतिम टेस्ट में इंग्लैंड ने टीम इंडिया को पारी और 54 रन से शिकस्त दी थी। ऐसे में भारत के पास अपनी इस इमेज को बदलने का शानदार मौका होगा।
जो रूट ने दिया भारत को जीत का श्रेय
भारत से चौथे टेस्ट मैच में हार के बाद इंग्लैंड के कप्तान जो रूट बेहद निराश हैं। जो रूट ने मैच के बाद कहा- ” आज के खेल से कुछ नहीं मिलने से निराश हैं, हमें लगा कि हमारे पास जीतने का अवसर है, लेकिन भारत को श्रेय दिया जाता है, उन्होंने गेंद को रिवर्स किया और वही टर्निंग पॉइंट था। पहली पारी में और अधिक बढ़त बना सकते थे और आपको विश्व स्तरीय खिलाड़ियों के खिलाफ मौके गिनने होंगे। बेहतर होने के तरीके खोजने होंगे, लेकिन यथार्थवादी बनें और महसूस करें कि यह विश्व स्तरीय गेंदबाजी थी। यहां टेस्ट में सब उल्टा हो सकता है, हमें इसे बेहतर तरीके से करना होगा। जब भी आप हारते हैं खेल में आप टॉस को देख सकते हैं, लेकिन हमें और अधिक तैयार होना होगा और कम से कम 200 रन की बढ़त बनानी होगी। खेल में बने रहने की चेष्ठा होना चाहिए, बड़ी साझेदारी करनी चाहिए। हमने अच्छा क्रिकेट खेला है और यह याद रखना महत्वपूर्ण है।