आगरालीक्स…आगरा शहर की जनता द्वारा चुनी गई सरकार 27 मई को शपथ लेगी। ट्रिपल इंजन की सरकार के सामने चुनौतियां भी रहेंगी। विपक्ष का दबदबा भी हुआ कम।
शहर की जनता की सरकार 27 को लेगी शपथ
आगरा की नवनिर्वाचित मेयर हेमलता दिवाकर और 100 पार्षदों को 27 मई को सूरसदन सभागार में जिलाधिकारी द्वारा शपथ ग्रहण कराई जाएगी। शपथ ग्रहण के साथ ही पांच साल के लिए नगर का विकास जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों के हाथों में होगा।

विपक्ष का दबदबा भी हुआ कुछ कम

भाजपा ने ट्रिपल इंजन की सरकार का सपना साकार कर लिया है। पिछले बार की अपेक्षा इस बार सदन में भाजपा को पांच सीटें ज्यादा भी मिली हैं। विपक्ष का दबदबा कम हुआ है।
आगरा नगर निगम सदन में पार्षदों की संख्या
वर्ष 2023 वर्ष 2017
भाजपा- 58 53
बसपा- 26 27
सपा- 03 05
कांग्रेस 01 01
निर्दलीय 11 14
आगरा से रहती है ज्यादा अपेक्षाएं
आगरा विश्वविख्यात शहर होने के नाते मेयर की जिम्मेदारियां अन्य नगर निगमों की अपेक्षा ज्यादा होती है और अपेक्षाएं भी ज्यादा रहती हैं। केंद्र से लेकर शहर तक भाजपा की सरकार होने से विकास कार्यों की ज्यादा आस रहती है।
इंदौर नहीं तो टॉप-10 में तो आ जाए
आगरा को इंदौर जैसा साफ-स्वच्छ शहर बनाना नई सरकार के लिए पहली चुनौती होगी। आगरा स्वच्छता रैंकिंग के मामले में देश में वर्ष 2022 में 23वें स्थान पर रहा था। नई मेयर के सामने यह चुनौती होगी की वह अपने शहर को इस स्तर से कितना ऊंचा उठाकर ले जाती हैं। इंदौर देश का लगातार छह बार से स्वच्छ शहरों में पहले पायदान पर चल रहा है।
लोग भी अब हो रहे हैं जागरूक
आगरा में 2017 से शुरू हुए स्वच्छता सर्वेक्षण में 282वें स्थान पर था लेकिन इसके बाद लगातार प्रयासों के बाद इस स्तर पर पहुंचा है। लोगों को जागरूक भी किया गया है। आगरा यदि टॉप टेन की श्रेणी में लाना भी एक बड़ी उपलब्धि होगी।
ट्रिपल इंजन सरकार में जनता को बेहतर जनसुविधाओं की है आस
गृहकर, जलकर समेत तमाम तरह के स्तरों में सुधार लाना, राजस्व की वसूली भी किसी चुनौती से कम नहीं होंगी। अब देखना होगा कि शहर की नई सरकार कितनी उपलब्धि हासिल कर पाती है।