आगरालीक्स…साल का पहला सूर्यग्रहण कल 17 फरवरी को. 64 साल बाद फाल्गुन अमावस्या पर पड़ रहा यह ग्रहण…जानिए क्या भारत में होंगे सूतक
साल 2026 का पहला सूर्यग्रहण 17 फरवरी को लगने जा रहा है. ज्योतिष के अनुसार 64 वर्षों के सबसे दुर्लभ योग में फाल्गुन अमावस्या पर यह सूर्य ग्रहण लगेगा. ज्योतिषाचार्य पं. हृदय रंजन शर्मा ने बताया कि शनि की राशि कुंभ में ये ग्रहण 17 फरवरी को लगेगा. ज्योतिष के हिसाब से ये ग्रहण बेहद खास है, क्योंकि इस दौरान सूर्य कुंभ राशि में राहु के साथ युति में रहेगा. ये सूर्य ग्रहण 17 फरवरी 2026 को होगा. दोपहर 3 बजकर 26 मिनट से शुरू होकर शाम 7 बजकर 57 मिनट तक रहेगा. यह ग्रहण लगभग 4 घंटे 32 मिनट की अवधि का होगा। भारत में ये दिखाई नहीं देगा, तो सूतक काल मान्य नहीं है.ज्योतिषाचार्य पं. हृदय रंजन शर्मा के अनुसार ये सूर्य ग्रहण बेहद दुर्लभ योग में हो रहा है. दुर्गा सप्तशती के अनुसार, जब अमावस्या मंगलवार को हो और चंद्रमा शतभिषा नक्षत्र में, तब ये संयोग कला, लेखन, साधना और अध्यात्म के लिए काफी शुभ माना जाता है। 40 साल बाद ऐसा योग बन रहा है. आखिरी बार 1962 में हुआ था। इस बार भी सूर्य और राहु कुंभ में, और चंद्रमा शतभिषा नक्षत्र में रहेगा. ये योग असर को और गहरा बना देता है.
यह वलयाकार सूर्य ग्रहण मुख्य रूप से अंटार्कटिका में दिखाई देगा जहां दो वैज्ञानिक अनुसंधान केंद्र (scientific research stations) स्थित हैं. बर्फीले महाद्वीप के अलावा, अर्जेंटीना और दक्षिण अफ्रीका के कुछ हिस्सों में सूर्योदय के बाद आंशिक ग्रहण दिखाई देने की संभावना है. इस सूर्य ग्रहण का चरम शाम 5:42 PM पर होगा और इस दौरान दुनियाभर के विभिन्न देशों में लोग आसमान में सूर्य को रिंग ऑफ फायर की तरह देख सकेंगे. हालांकि, 2 मिनट 20 सेकेंड तक पीक पर रहने के बाद ग्रहण कम होना शुरू हो जाएगा और यह सूर्य ग्रहण रात्रि 07:57 PM पर खत्म हो जाएगा.