आगरालीक्स(13th September 2021 Agra News)… दस लक्षण पर्व को लेकर दिगंबर जैन समाज में खासा उत्साह. चौथे दिन मुनि श्री ने कहा इच्छा मन की ऐसी प्यास है, जो बनी रहती है.
एमडी जैन में हुए कार्यक्रम
हरीपर्वत स्थित श्री 1008 शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर प्रांगण में दस लक्षण पर्व को लेकर दिगंबर जैन समाज में उत्साह देखने को मिल रहा है। मंदिर प्रांगण में मुनि श्री 108 प्रणम्य सागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य मे धर्मसभा में प्रतिदिन दस लक्षण पर्व के धर्मों का पूरे विधि विधान के साथ पालन कराया जा रहा है।
उत्तम शौच धर्म के रूप में मनाया गया
दस लक्ष्मण पर्व का चौथा दिन उत्तम शौच धर्म के रूप में मनाया गया। मुनिराज के पाद प्रक्षालन जीसी जैन ने किया। मुनि श्री ने बताया कि आज उत्तम शौच अर्थात शुचिता का दिन है। यह लोभ के अभाव में आती है। लोभ एक ऐसी कषाय है, जो बहुत दुःख देती है। हमारी इच्छाएं बढ़ती रहती हैं। हम उन्हें पूरा करना का लोभ करते हैं, ये हमारी तृष्णा है। एक इच्छा पूरी होने के बाद अगली इच्छा होती है। यह क्रम लगातार बना रहता है।
इच्छाओं पर विराम लगाएं
उन्होंने कहा कि मरूस्थल की धूप में पानी को देखने के समान यह लोभ हमें लुभाता है। इसके बाद दौड़ाता है। यह इच्छा, तृष्णा मन की एक ऐसी प्यास है, जो बनी रहती है। संतोष ही सबसे बड़ा धन है। यह लोभ कषाय को कम करके आत्मा में पवित्रता, शुचिता का भाव आता है। हम इच्छाओं की पूर्ति के चक्कर में अपने सारे संबंधों, उपदेशों को ताक पर रख देते हैं। इसके बाद दोपहर में मुनि श्री ने तत्वार्थ सूत्र की वाचना की।

शाम को होगा नाटक का मंचन
मीडिया प्रभारी शुभम जैन ने बताया कि सोमवार शाम सात बजे मुनिराज और भगवान शांतिनाथ की मंगल आरती की जाएगी। रात आठ बजे से शालीमार एन्क्लेव, कमला नगर मन्दिर परिवार की ओर से नन्हे मुन्ने कलाकार नाटक का मंचन करेंगे।
ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में आगरा दिगंबर जैन परिषद के अध्यक्ष जगदीश प्रसाद जैन, महामंत्री सुनील जैन, अर्थमंत्री राकेश जैन, जितेन्द्र जैन शास्त्री, अनंत जैन आदि मौजूद रहे।