आगरालीक्स… इस बार छोटी और बड़ी दीपावली एक ही दिन 24 अक्टूबर को है। श्री गणेश-महालक्ष्मी पूजन, दिन, रात के शुभ लग्न मुहूर्त, पूजा समेत सभी जानकारी एक साथ

दीपावली का त्योहार सोमवार 24 अक्टूबर को ही मान्य

श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान गुरु रत्न भंडार वाले ज्योतिषाचार्य पंडित हृदय रंजन शर्मा के मुताबिक इस वर्ष 2022 में श्री गणेश- महालक्ष्मी पूजन दीपावली का प्रमुख पर्व त्योहार कार्तिक कृष्णपक्ष चतुर्दशी सोमवार 24 अक्टूबर 2022 में मान्य रहेगा।
इस वर्ष 24 अक्टूबर दिन सोमवार में कार्तिक कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि सांयकाल 05:27 तक मान्य रहेगी इसके उपरांत सूर्यास्त से पहले ही अमावस्या तिथि (दीपावली) प्रारंभ हो जाएगी। अतः इस वर्ष दीपावली पर्व (श्री गणेश महालक्ष्मी पूजन) सोमवार 24 अक्टूबर 2022 में ही मनाया जाएगा। इस दिन हस्त नक्षत्र दोपहर 02:41 तक रहेगा, जिसके उपरांत रात्रि में चित्रा नक्षत्र पूरी रात्रि में पाया जाएगा। हस्त और चित्रा नक्षत्र में वैधृतियोग का संयोग अत्यंत शुभ फलदायक माना जाता है। हस्त नक्षत्र व चित्रा नक्षत्र लघु छिप्र संज्ञक हैं चित्रा मृदु मैत्री संज्ञक नक्षत्र है। इन नक्षत्रों में परचून, जर्नल स्टोर, किराना खाद्ध पदार्थ, का कार्य करना व्यापारिक लेन-देन, ज्ञानार्जन ट्यूशन कोचिंग सेंटर,शिल्प, चित्रकारी कलाकार ,वाहन एजेंसी, ओटोपाट्स, सौंदर्य प्रसाधन, हीरे जवाहरात आर्टिफिशियल ज्वेलरी लेनदेन संचालन करना ,(व्याज पर पैसे लेनदेन)आदि सभी कार्य अति उत्तम माने जाते हैं।
सोमवार भगवान भोलेनाथ क विशेष दिन है और भगवान शिव सब का कल्याण करते हैं जिसमें प्रत्येक कार्य की शुभता सानिध्य होती है आप इस नक्षत्र में पूजा पाठ करके किसी भी काम को अच्छे तरीके से कर सकते हैं, दीपावली लक्ष्मी जी की उत्पत्ति तिथि होने के कारण से सभी तरह के काम धंधे करने वाले लोगों के लिए सर्वश्रेष्ठ मानी जाती है।
💥राहु काल -प्रातः 7:30 बजे से 9:00 बजे तक रहेगा जो इस दिन का सबसे खराब और नेष्ट समय कहा जाएगा यह समय किसी भी कार्य के लिए शुभ नहीं रहेगा।
🍁दीपावली पूजन और दिन के शुभ लग्न मुहूर्त🍁
🌟 कुछ व्यापारी अपनी उद्योग धंधे व्यवसाय प्रतिष्ठान आदि में लक्ष्मी पूजन के लिए धनु लग्न को श्रेष्ठ मानते हैं क्योंकि धनु लग्न का स्वामी शुभ ग्रह बृहस्पति जो है इस वर्ष देव गुरु बृहस्पति मीन राशि में स्वग्रही चल रहे हैं यह सब की सफलता में सहायक रहता है और यह वास्तविकता में सही भी है
💥 धनु लग्न* ♦प्रातः 10:33 से दोपहर 12:37 तक रहेगी लग्नेश गुरु चतुर्थ भाव में स्वग्रही है धनेश में शनि स्वग्रही है रोजगार भाव में बुध उच्च का है चंद्रमा के साथ बुध उच्च काहै जो इस लग्न में पूजा पाठ हवन यज्ञ इत्यादि करने वाले लोगों को विशेष शुभ लाभ प्रदान करेगा यह दिन की अच्छी लग्न कही जाएगी इस दिन राहुकाल प्रातः 7:30 से 9:00 बजे के बीच रहेगा जो हर कार्य के लिए जो हर कार्य के लिए अत्यन्त खराब माना जाएगा चौघड़िया मुहूर्त अनुसार भी लग्न प्रारंभ होने पर शुभ का चौघड़िया मुहूर्त और लग्न के समाप्त होने से पहले उद्देग का चौघड़िया मुहूर्त रहेगा यह दोनों चौघड़िया मुहूर्त इस दिन पूजा पाठ आदि कार्यों के लिए बहुत ही शानदार खुशहाली दायक कहे जाएंगे
💥मकर लग्न ♦दिवाकाल 12:37 से 02:21तक मकर लग्न मे लग्नेश शनि स्वंय वलवान होकर वैठा है और (कारोबार भाव में बैठा हुआ नीच का सूर्य शुक्र केतु रोजगार में टेंशन तो बढ़ाएंगे अगर दिमाग से निर्णय लेने वाला व्यक्ति सही हो तो उसे उन्नति करवा सकते हैं साथ ही भाग्येश में उच्च का बैठा बुद्ध पराक्रमेश इसमें मीन राशि में बृहस्पति इस लग्न को मजबूत बनाते हैं इसमें लोहा स्टील, बिल्डिंग मैटेरियल का कार्य करने वाले व्यक्ति केमिकल रसायन से संबंधित व्यक्ति प्लास्टिक उद्योग जुआ सट्टा (एम. सी. एक्स.) चोरी चकारी या धोखेबाजी का काम करने वाले लोगों के लिए ही पूजा पाठ करना सही है
💥कुम्भ लग्न ♦दोपहर 02:31से सायं 03:50 तक कुंभ लग्न रहेगी कुंभ लग्न में लग्नेश व्यय भाव में होने के कारण रोजगार कारोबार में व्ययाधिक होने की संभावना बनी रहेगी भाग्य भाव में नीच के सूर्य के साथ शुक्र केतु का योग भाग्य उन्नति विकास में अत्यंत बाधाकारक कही जाएगी लेकिन धनेश में बैठा बृहस्पति और अष्टम भाव में उच्च का बुद्ध होने से इस लग्न के व्यक्ति को ज्यादा पैसे किसी भी नये कार्य में नहीं लगाने चाहिए अन्यथा वह डूब भी सकता क्यो की इस वर्ष में मकर और कुंभ राशि पर शनि कीअत्यंत खतरनाक साढ़ेसाती वर्तमान में चल रही है
🌻विशेष.अत: मकर और मीन लग्न में पूजा पाठ करने वाले श्री गणेश लक्ष्मी त्रिदेव परमशक्ति नवग्रह कुबेर भंडारी रिद्धि सिद्धि सहित बही बसना खाता कलम दवा पूजन करने तथा कारोबार करने वाले लाभ उन्नति की ओर अग्रसर होते रहेंगे इस लग्न में लोहा – स्टील, कांच, कवाड़ा, तेल, कोयला, मैटल, मशीनरी उधोग, कलपुर्जे, पार्ट्स, खनिज पदार्थों शनि से संबंधित कार्य करने वाले व्यक्तियों के लिए यह मकर लग्न और मीन लग्न अति उत्तम लाभकारी उन्नति दायक मानी जाएगी क्योंकि इस समय में चर और लाभ के उत्तम चौघड़िया मुहूर्त भी उपलब्ध होंगे
💥मीन लग्न ♦दोपहर 3:50 से सांय 05:15 तक मीन लग्न रहेगी इसमेअमृत का चौघडिया मुहूर्त उपलब्ध रहेगा इसमें लग्नेशवली माना जाएगा इससे वर्षभर इस समय में पूजा करने वाले लोगों की कार्यशैली में लाभ उन्नति वनी रहेगी इस लग्न में स्कूल कॉलेज स्टेशनरी किताब कॉपी कोचिंग ट्यूशन सेंटर का कार्य करने वाले लोगों के लिए यह समय सर्वोत्तम माना जाएगा
💥मेष लग्न 🏵(गोधूलिबेला ) ♦सांय 05 :15 से सांय 06:54तक लक्ष्मी पूजन वाले दिन सांयकाल के समय यह लग्न रहेगी मेष लग्न मै ही गोधूलि बेला रहेगी और प्रदोष काल सांयकाल 05:24 से प्रारम्भ हो जाएगा दीपावली पूजन के लिए शुभ समय कहा जा सकता है इसी लग्न मै “गोधूलिबेला” का प्रभाव तथा प्रदोष के उत्तम समय का समागम असफलता के मध्य सफलता दायक उन्नति दायक कहाजाएगा इस लग्न में पूजन करना सर्वश्रेष्ठ रहेगा इस लग्न में बिल्डिंगमैटेरियल काम करने वाले डॉक्टर वैध जर्नल स्टोर हलवाई खाद्य पदार्थ हार्डवेयर का काम पुलिस ,सैना ,एजेंसी ,परचून विसायती ,तारकोल, भूमि भवन से संबंधित कार्य करने वाले व्यक्ति ,प्रॉपर्टी एवं रियल स्टेट के कार्य करने वाले व्यक्ति एवं खनिज लवण रसायन से संबंधित व्यक्ति इस लग्न में पूजा पाठ करके अत्यंत शुभफल के भागी बन सकते हैं
🔥कैसे करें पूजा पाठ🔥
– 🔹पूजनाचार्य यजमान से सर्वप्रथम स्वस्तिवाचन, कलश पूजन ,संकल्प कराकर श्री गणेश, महालक्ष्मी, रिद्धि सिद्धि, इंद्र ,वरूण ,कुबेर भंडारी शक्तियों सहित ब्रह्मा, विष्णु ,महेश, कुल देवता ,स्थान देवता ,सूर्य आदि समस्त ग्रह नक्षत्र मंडल की पूजा-अर्चना कराएं तदुपरांत वही बसना खाता कलम दवात रोकड़ पूजन एवं अत्याधुनिक उपकरण कंप्यूटर लैपटॉप आदि की विधि विधान से पूजा करने तथा करवाने वाले वर्ष मध्ये उत्तरोत्तर लाभोन्नति की तरफ अग्रसर होते रहेंगे नवोदय मेहमान मंगलोत्सव व्यवसाय में उन्नति हर्ष का कारण बनेगी देश देशांतर की लंबी यात्रा भूमि वाहनादि की खरीद-फरोख्त अच्छी होगी राज समाज में प्रतिष्ठा बढ़ेगी सम्मान, ख्याति बढ़ेगी
🌻दीपावली पूजन और रात्रि के शुभ लग्न मुहूर्त🌻
💥वृषभ लग्न एवं प्रदोषकाल पूजा का मुहूर्त *- ♦सायंकाल 06:54 से रात्रि 20:51 तक रहेगी दीप मालिका दिन सोमवार की रात्रि वृष लग्न मै धन भाव में मंगल ,पंचम में उच्च का बुद्ध भाग्येश मे स्वग्रही शनि लाभेश में स्वग्रही गुरु अत्यंत शुभ फलदायक स्थितियों को बनाते हैं विश्व प्रसिद्ध चौघड़िया मुहूर्त रात्रि 9:10बजे से रात्रि 1:40 तक शुभ-लाभ उन्नति फलदायक रहेंगे क्योंकि इसमें लाभ उद्देग और शुभ का अत्यंत शुभ चौघड़िया मुहूर्त उपलब्ध रहेंगे यह किसी भी व्यक्ति के लिए रात्रि में घर की पूजा का सर्वोत्तम समय कहलाया जाएगा ‘प्रदोष’ के समय “अमृत” का चौघड़िया मुहूर्त की गति मनोकामना पूर्ति में सहायक बनेगी लक्ष्मी पूजन के लिए प्रदोष काल को पूर्वाचार्यो ने सर्वश्रेष्ठ माना है हां तो प्रदोष काल में दीपावली का पूजन करें यह समय सब तरह से सर्वश्रेष्ठ और दिन का अति उत्तम समय माना जाएगा प्रदोष के अधिपति भगवान आशुतोष भगवान भोलेनाथ शंकर जी सब तरह की सुख समृद्धि प्रदान करने वाले देवता कहे गए हैं इस लग्न में ज्वेलर्स जवाहरात का काम करने वाले लोग सौंदर्य प्रसाधन टीवी फ्रिज एसी वाशिंग मशीन का काम करने वाले व्यक्ति शॉपिंग मॉल रेस्टोरेंट से संबंधित एवं विलासिता हाई-फाई काम करने वाले व्यक्ति संचार क्षेत्र मोबाइल केबल नेटवर्क कार्य करने वाले लोग वाहन की एजेंसी वाले लोग इस समय में पूजा पाठ करने से पुण्य लाभ के भागी बन सकते है
💥मिथुन लग्न = ♦रात्रि 20:51से रात्रि 11:05तक मिथुन लग्न लाभ,उद्देग के दो चौघड़िया मुहूर्त रहेगे जो किस की सभी तरह के काम धंधे करने वालों के लिए शुभ फल प्रदान करेंगे लग्न पर शनि का सीधा प्रभाव उद्योग संचालकों को शुभ का जाएगा इस समय में पूजा करने से माता लक्ष्मी की कृपा आप पर बनी रहेगी और उद्योग धंधे फलते फूलते नजर आएंगे इस लग्न में होटल रेस्टोरेंट दवा दवाओं की फार्मेसी लकड़ी टिंबर रजाई गद्दे लकड़ी के फैंसी सामान कार्य करने वाले व्यक्ति डेयरी उद्योग दूध से बने खाद्य पदार्थो के काम करने वाले व्यक्ति यो के लिए यह समय उत्तम कहा जाएगा
💥कर्क लग्न=(निशीथ काल) = ♦रात्रि 11:05 से मध्य रात्रि 01:23 तक कर्क लग्न इस समय उद्देग का चौघड़िया मुहूर्त रहेगा , इस समय को निशिथ काल माना जाएगा निशीथ काल की व्याप्ति मैं दीपावली पूजन अत्यंत सुखद माना जाता है शुभ समय में पूजा करने तथा करवाने वाले उत्तरोत्तर लाभ उन्नति की ओर अग्रसर होते जाते हैं रात्रि 12:00बजे के बाद निशीथ काल प्रारंभ हो रहा हैजो रात्रि01:23मिनट तक रहेगा, यह समय घरेलू पूजन आदि के लिए सर्वोत्तम रहता है इसमें अधिकतर लोग अपने घरों की पूजा करते हैं निशीथ काल में समुद्र मंथन के समय माता लक्ष्मी जी का प्रादुर्भाव हुआ था इसलिए इस समय को सभी विद्वान आचार्य अत्यंत श्रेष्ठ मानते हैं तांत्रिक एवं सिद्धि करने वाले लोगों के लिए यह समय रामबाण का काम करता है इस समय में श्री गणेश महा लक्ष्मी इन्द्र कुबेर भंडारी रिद्धि सिद्धि शक्तियों सहित श्री ब्रह्मा विष्णु महेश नवग्रह मंडल देवताओं आदि की पूजा करे वही वसना पूजा करने तथा कराने वाले साल भर उन्नति लाभ की ओर बढ़ते रहते हैं जिससे माता लक्ष्मी की कृपा उन पर और उनके परिवार पर हमेशा हमेशा के लिए बनी रहती है पूजन विद्वान आचार्य से कराने पर लक्ष्मी जी का भंडार कभी भी खाली नहीं होता क्योंकि उसमें फल का अंश और मिल जाता है
💥दीपावली की पूजन विधि
🌟सूर्योदय के समय उठकर घर की धुलाई करें घर में बंधनबार लगाएं पूजा घर को साफ करें यहां पर नया लाल गुलाबी पीला हरा नीला केसरिया कपड़ा बिछाकर सुंदर चित्र कलैंडर लगाएं मिट्टी के लक्ष्मी गणेश के साथ हनुमान जी की स्थापना अवश्य करें घर में रंग बिरंगी रंगोली बनाएं व घर में पूजा घर में रंग बिरंगी सुंदर झालरे लाइट लगाएं फिर अपने मनचाहे मुहूर्त में सर्वप्रथम स्वस्तिवाचन कलश पूजन संकल्प कराकर श्री गणेश लक्ष्मी रिद्धि सिद्धि इंद्र कुबेर ब्रह्मा विष्णु महेश कुल देवता स्थान देवता वास्तु देवता एवं सूर्यादिनव ग्रह की पूजा के साथ बहीखाता कलम दवाद रोकड़ पूजन करें इसके बाद कंप्यूटर लैपटॉप या मोबाइल की पूजा करें जिस पर कारोबार करते हैं श्री सूक्त और लक्ष्मी सूक्त का पाठ करना इस दिन अत्यंत लाभकारी कहा गया है लक्ष्मी कुबेर का मंत्र जाप विष्णु मंत्र की माला जाप गुरु मंत्र का जाप करें नशाखोरी वायदा कारोबार एमसीएक्स तेज वाहन चलाने गलत कार्य करने से बचे पूजा करने से पहले घरों की दीवारों और दरवाजों की ऊपर सिंदूर या रोली से शुभ – लाभ, राम राम, जय श्री राम, श्री गणेशाय नमः और ॐ के शुभ चिन्ह अवश्य ही बनाएं रात के वक्त महारानी लक्ष्मी भ्रमण करते समय इन सभी चीजों को देखकर सोचती हैं कि मैं कहां निवास करूं कहां किस भक्त ने पूजा घर और अपना घर कैसे सजाया है जहां वह संतुष्ट हो जाती हैं वहां प्रभावित होकर धन संपत्ति और सुख समृद्धि व हर प्रकार के धन वैभव में विशेष उन्नति व लाभ को करती हैं
।