आगरालीक्स…आगरा में हुए थे दो बड़े ट्रेन हादसे। फिरोजाबाद में पुरुषोत्तम और कालिंदी एक्सप्रेस हादसे से आज भी कांपती है रूह। ओडिशा ट्रेन हादसे ने किया विचलित।
आगरा रेल मंडल दो बड़े ट्रेन हादसों का गवाह

आगरा रेल मंडल दो बड़ी रेल हादसों का गवाह है। राजा की मंडी रेलवे स्टेशन पर एएचव्हीलर के संचालक, तत्कालीन रेल रोको संघर्ष समिति के संयोजक एवं दुनिया की नई उडान के संपादक वरिष्ठ पत्रकार दिलीप कुमार जैन के मुताबिक वर्ष 1985 में राजा मंडी रेलवे स्टेशन पर भी गर्मियों में बड़ा हादसा हुआ था।
राजामंडी स्टेशन पर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस-मालगाड़ी से भिड़ी थी, साठ लोग मरे थे
दिलीप जैन बताते हैं कि दिल्ली की ओर से झांसी की ओर जाने वाली छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस गुजर स्टेशन से निकली ही थी कि सामने से मालगाड़ी ट्रेन से आ भिड़ी।
मालगाड़ी दिल्ली की जगह टूंडला की ओर मुड़ी थी
हादसे का कारण मालगाडी को सीधे दिल्ली की ओर जाना था लेकिन उसे टूंडला की ओर मोड़ दिया था, जिससे दोनों ट्रेनों की भिड़ंत हो गई थी और करीब 60 लोगों की जान गई थी।
आगरा कैंट पर कोहरे में भिड़ी थी दो ट्रेनें
उन्होंने बताया कि आगरा में वर्ष 1982 में आगरा कैंट के पास कोहरे के कारण दो ट्रेनों की भिड़ंत हुई थी, इसमें कई लोगों की जान चली गई थी। इसके बाद बड़े पैमाने पर राहत और बचाव कार्य चलाया गया था।
फिरोजाबाद का हादसा सबसे बड़ा, पांच सौ लोगों की गई थी जान

आगरा के दयालबाग राममोहन विहार निवासी अनिल अग्रवाल बताते हैं कि आगरा मंडल में सबसे बड़ा रेल हादसा जुलाई 1992 में फिरोजाबाद का पुरुषोत्तम एक्सप्रेस और कालिंदी एक्सप्रेस हादसा माना जाता है। इस हादसे में सैकड़ों लोगों की जान गई थी। रेलवे ने भी मरने वालों का आंकड़ा पांच सौ बताया था।
फिरोजाबाद में स्वयं देखा था मौत का मंजर
उन्होंने बताया कि इस रेल हादसे के बाद वह पत्रकार शरद यादव के साथ फिरोजाबाद गए थे, जहां उन्होंने स्वयं अस्पताल के अंदर परिसर में शव लाइनों से रखे थे, बारिश में शवों से उठने वाली दुर्गंध से बचने के लिए जगह-जगह अगरबत्ती और धूप बत्ती जला रखी थी और लोग शिनाख्त करने के लिए आ रहे थे। इस दृश्य को याद कर आज भी रूह कांप जाती है।