आगरालीक्स…बेटे की नौकरी की मन्नत मांगने वृंदावन आई थी मां. घर पहुंची लाश. वृंदावन हादसे में मारे गए लोगों की कहानी ला देगी आंखों में आंसू
वृंदावन में कल शाम को बांकेबिहारी मंदिर के पास बिल्डिंग हादसे में 5 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 6 लोग घायल हैं और इनका इलाज चल रहा है. कानपुर की रहने वाली दो महिलाओं की भी मौत हुई है जोकि आपस में सहेली थीं. एक बार दर्शन कर लिए थे लेकिन ट्रेन रात को थी तो दोबारा दर्शन करने के लिए मंदिर जा रही थीं लेकिन रास्ते में हादसे का शिकार हो गईं.
दोनों सहेलियों की मौत से कानपुर में शोक छाया हुआ है. इन दो महिलाओं के नाम थे गीता और रश्मि. गीता का शव जब आज दोपहर घर पहुंचा तो बेटा और बेटी शव देखकर ही बेहोश हो गए. बेटे ने कहा कि मां मेरी अच्छी नौकरी के लिए मलमास में बांके बिहारी मंदिर में दर्शन करने गई थी लेकिन उन्हें क्या मालूम था कि वो हादसे का शिकार होंगी. गीता कानपुर के नौबस्ता खाडेपुर की रहने वाली थी. यहां रहने वाले श्याम नारायण कश्यम अपनी पत्नी गीता, बेटी अनामिका, नातिन एक साल की परी और दोस्त जितेंद्र व उनकी पत्नी रश्मि के साथ बांकेबिहारी दर्शन करने वृंदावन आए थे. मंदिर जाते समय मकान का हिस्सा गिर गया जिसमें गीता और रश्मि की मलबे में दबने से मौत हो गई.
गीता की बेटी अनामिका गंभीर रूप से घायल है. एक बेटा अभिषेक और छोटी बेटी शेफाली ने जब आज मां का शव आकर देखा तो दोनों जमीन पर गिर पड़े. वहीं मृतक रश्मि के पति जितेंद्र बदहवास दिखे. रश्मि का शव धनकुट्टी स्थित इनके घ्ज्ञर पहुंचा तो परिवार में मात छा गया.
कानपुर के ही रहने वाले इंजीनियर अरविंद निवासी बबुरहिया की भी मौत हुई है. अरविंद अपनी पत्नी श्वेता, बेटे आर्यन के साथ दर्शन करने आए थे. वे इस समय एटा में इंजीनियर थे. कानपुर में पिता और मां रहते हैं. अरिवंद मूल रूप से बिहार के रहने वलो थे. ऐसे में परिजन इनके शव को लेकर बिहार के लिए रवाना हेा गए.