आगरालीक्स.. आगरा सहित प्रदेश में महामारी अधिनियम 30 नवंबर को समाप्त हो रहा था, इसे 31 मार्च 2021 तक बढा दिया गया है, पढे 123 साल पुराने महामारी अधिनियम में क्या होती है कार्रवाई।
1897 में बना था महामारी कानून
बॉम्बे यानी मुंबई में 1897 में ब्यूबॉनिक प्लेग की महामारी फैली थी, इसे कंट्रोल करने अंग्रोजों ने महामारी कानून बनाया था, इस कानून के तहत स्थानीय अधिकारियों को अधिकार दिए गए थे। महामारी कानून में चार सेक्शन है। पहले और दूसरे सेक्शन में महमारी की शब्दावली और उसे बारे में समझाया गया है।
महामारी एक्ट का तीसरा सेक्शन
महामारी एक्ट के तीसरे सेशन का उल्लंघन करने पर आईपीसी की धारा 188 के तहत दंड और जुर्माना लगाया जा सकता है।
महामारी एक्ट का चौथा सेक्शन
इस सेक्शन में कानून के प्रावधानों का पालन कराने वाले अधिकारियों को कानूनी संरक्षण देता है। जिससे उनकी कार्रवाई पर सवाल ना उठा सकें।
महामारी एक्ट के प्रावधानों का पालन ना करने पर छह महीने की कैद
महामारी एक्ट के प्रावधानों का पालन ना करने वालों को छह महीने की कैद या एक हजार रुपये का जुर्माना या दोनों हो सजा दी जा सकती हैं।