यूपीलीक्स…नोएडा में पानी से भरे बेसमेंट में कार समेत डूबने से साफ्टवेयर इंजीनियर की मौत. सीएम ने लिया घटना पर संज्ञान..एसआईटी करेगी जांच…
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 150 में पानी से भरे बेसमेंट में साफ्टवेयर इंजीनियर की कार समेत डूबने स दर्दनाक मौत हो गई है. इस घटना पर प्रदेश सरकार ने भी संज्ञान लिया है और सीएम योगी के निर्देश पर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच एसआईटी को सौंपी गई है. तीन सदस्यीय एसआईटी की टीम पांच दिनों के अंदर अपनी जांच रिपोर्ट पूरी कर मुख्यमंत्री को सौंपेगी. इसके साथ ही नोएडा प्राधिकरण के सीईओ लोकेश एम को हटा दिया गया है. इसे प्रशासनिक जवाबदेही की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है. सीएम ने साफ निर्देश दिएहैं कि जांच में यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या दोष सामने आता है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
ये है पूरा मामला
ग्रेंटर नोएडा में राजकुमार मेहता रहते हैं. इनके 27 साल के बेटे युवराज एक नामी साफ्टवेयर कंपनी में इंजीनियर था. 16 जनवरी की रात को युवराज रोज की तरह अपनी कार से घर लौट रहे थे. रात को घना कोहरा था. तभी सेक्टर 150 में एटीएस ली ग्रैंडियोज मोड के पास कोहरे के कारण अचानक युवराज की कार कंट्रोल खो देती है. कार अचानक सड़क किनारे की दीवार को तोड़ते हुए एक अंडर कंस्ट्रक्शन मॉल के 40 फीट गहरे बेसमेंट में चली गई. बेसमेंट में बारिश और रिसाव का पानी भरा हुआ था. कार जैसे ही गड्ढे में गिरी तभी युवराज को लगा कि उसकी जान खतरे में है. युवराज ने अपने पिता को फोन किया और कहा कि पापा मुझे बचा लो, मैं नाले में गिर गया हूं. इस पर राजकुमार मेहता ऐस सिटी नाले के पास पहले जाते हैं लेकिन वहां कुछ नहीं मिला. करीब 30 मिनट बाद वह घटना स्थल पर तलाशते हुए पहुंचे तो देखा उनका बेटा कार की छत पर लेटा हुआ है.
टॉर्च जलाकर दिया जिंदा होने का सबूत
पिता के अनुसार उन्होंने डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी. बेटा बीच बीच में बचाओ बचाओ की आवाज लगा रहा था. उसने टॉर्च जलाकर अपने जिंदा होने का भी सबूत दिया. सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और दमकल के कर्मियों ने पहले रस्सी फेंककर ही बचाव का प्रयास किया लकिन रस्सती उस तक नहीं पहुंची. इसके बाद क्रेन भी मंगवाई गई लेकिन वह भी उस तक नहीं पहुंच पाई. इससे राहत बचाव कार्य में देरी हुई. कोई गोताखोर भी नहीं पहुंचा और बेटा उनकी आंखों के सामने ही कार समेत डूब गया. बाद में सफलता नहीं मिलने पर एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के जवानों को बुलाया गया. कई घंटे सर्च आपरेशन के बाद उन्होंने युवराज को बाहर निकाला लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी.
फेफड़ों से निकला 3.5 लीटर पानी
मृतक इंजीनियर युवराज मेहता की सोमवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ गई है. रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि युवराज की मौत का कारण दम घुटना है. पोस्टमार्टम रिपोर्टके अनुसार फेफड़ों में करीब साढ़े तीन लीटर पानी भरा हुआ पाया गया जिससे यह साबित होता है कि वह काफी देर तक पानी में डूबे रहे.