आगरालीक्स ..आगरा पुलिस का यह चेहरा भी है, इकलौते बेटे से उसकी मां को 11 साल बाद मिलवाया। बेटे ने अपनी मां को गले लगा लिया।
बुधवार को शमशाबाद बच्चा चोर की अफवाह फैलाकर भीड़ ने मानसिक विक्षिप्त महिला की पिटाई लगा दी थी। महिला को पुलिस के सुपुर्द कर दिया। शमशाबाद पुलिस ने महिला को नए कपड़े पहनवाये और खाना खिलाया। काफी प्रयास के बाद महिला ने अपने भाई का नाम और जिले का नाम बता दिया था। गूगल की मदद से गुजरात के कई थानों में सम्पर्क किया। इससे पुलिस ने परिजनों को खोज लिया। वह गुजरात के सनखेड़ा निवासी शांताबाई तड़वी निकली, वे 11 साल पहले अचानक एक दिन घर निकल आईं। उनके परिवार में एक बेटा और दो बेटियां हैं। इकलौता बेटा 36 वर्षीय महेंद्र पारुल विश्वविद्यालय में लिपिक की नौकरी करता है। मां के शमशाबाद थाने में होने की जानकारी मिलने पर वह रविवार रात 10:30 बजे वह आगरा पहुंच गया। पुलिस उसे अपने साथ लेकर आगरा फोर्ट चौकी पहुंचे। देर रात अपनी मां से मिलने के बाद महेंद्र कुमार बेहद खुश था। 11 साल बाद उसकी बिछड़ी मां से मिलाने वाली पुलिस ही है। उसकी आंखों में मां के सामने पहुंचते ही खुशी के आंसू छलक उठे।
पुलिस ने स्टेशन पर किया रिसीव
महेंद्र रविवार रात 10:30 बजे वह आगरा फोर्ट स्टेशन पर ट्रेन से उतरा। एसएसपी बबलू कुमार को जानकारी होते ही उन्होंने एसपी पूर्वी को महेंद्र को रिसीव करने के लिए भेज दिया।
लिपिक बेटा खुश
महेंद्र गुजरात में लिपिक है। उसने बताया कि 2 वर्ष पहले उसके पिता का देहांत हो चुका है। बहनों की शादी हो चुकी है और उसकी भी। उसने बताया कि उसे मां शांतावाई के लौटने की पूरी उम्मीद थी। वह कहता था कि मैं वह जरूर लौटेगी ।