आगरालीक्स… आगरा में पुलवामा आतंकी हमले के शहीद जवान को अंतिम विदाई देते समय भारत माता की जय, पाकिस्तान मूर्दाबाद के नारे लगाए जा रहे हैं। आगरावालों में आक्रोश है।
14 फरवरी को पुलवामा, जम्मू कश्मीर में आतंकी हमले में 41 जवान शहीद हो गए, इसमें आगरा के कहरई ताजगंज निवासी सीआरपीएफ जवान कौशल कुमार रावत शहीद हुए हैं। शनिवार सुबह 3 30 उनका शव आगरा पहुंचा, उनके शव के पहुंचते ही अंतिम दर्शन के लिए भीड लग गई।
मचा कोहराम
शहीद कौशल कुमार रावत का शव गांव में पहुंचते ही कोहराम मच गया, उनके पिता, मां, पत्नी, बेटी, बेटों सहित परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है।
नौ बजे तक अंतिम दर्शन
शहीद कौशल किशोर रावत को पार्थिक शरीर सुबह 3 30 बजे आगरा पहुंच गया, उनके पार्थिक शरीर के दर्शन नौ बजे तक आम लो कर सकेंगे, इसके बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा। गांव में लोगों की भीड उमड पडी है, आस पास के गांवों के साथ ही शहर से लोग कहरई पहुंच रहे हैं।
आज आगरा बंद का आहृवाहन
शहादत को नमन करते हुए शनिवार को आगरा बंद का आहृवाहन किया गया है। आगरा व्यापार मंडल, श्री सराफा कमेटी सहित स्थानीय बाजारों की कमेटियों ने बंद का आहृवान किया है।
सरकार मेरा लाल वापस कर दे
शहीद कौशल किशोर रावत के पिता गीताराम रावत और मां का बुरा हाल है, उनकी मां कह रहीं है कि सरकार मेरा लाल वापस कर ले, मैं उसे एक बार छाती से चिपका लूं।
गुडगांव में रहती हैं पत्नी और बच्चे
शहीद कौशल किशोर की पत्नी और बच्चे गुड़गांव में रहते हैं। उनके तीन बच्चों में दो बेटे और एक बेटी है। बेटी अपूर्वा सबसे बड़ी है। उसकी शादी हो चुकी है। बड़ा बेटा अभिषेक रूस से एमबीबीएस कर रहा है। छोटा बेटा विकास गुड़गांव में ही मां के साथ रहता है।
शहीद कौशल किशोर की पत्नी और बच्चे गुड़गांव में रहते हैं। परिवार के कई और लोग उनके साथ रहते हैं। कौशल ने वहां मकान बना लिया था। शहादत की खबर आते ही परिजन पैतृक निवास कहरई के लिए चल दिए। कौशल के तीन बच्चों में दो बेटे और एक बेटी है। बेटी अपूर्वा सबसे बड़ी है। उसकी शादी हो चुकी है। बड़ा बेटा अभिषेक रूस से एमबीबीएस कर रहा है। छोटा बेटा विकास गुड़गांव में ही मां के साथ रहता है। वह 12 वीं कर रहा है।