आगरालीक्स… (15 July ) । सर्प दंश से हर साल तमाम मौतें होती हैं। बारिश के मौसम में इनकी संख्या और बढ़ जाती है।
बारिश में बिल में पानी जाने से निकलते हैं सांप
बारिश का पानी बिलों के भीतर पहुंचने के कारण सांप बिल से बाहर आ जाते हैं। जरा सी चूक होने पर यह लोगों को डस लेते हैं। कई बार सांप काटने से व्यक्तियों की जान तक चली जाती है। सर्प दंश से मौत होने पर मृतक आश्रितों को मुआवजा दिए जाने की व्यवस्था है।
चार लाख का मिलता है मुआवजा
प्रदेश सरकार चार लाख का मुआवजा देती है। हालांकि, अब तक नियमों में काफी पेच थे। बिसरा रिपोर्ट के बाद ही मुआवजा मिलता था। ऐसे में तमाम लोग तो बिसरा रिपोर्ट के इंतजार के चलते आवेदन ही नहीं करते थे। ऐसे में अब सरकार ने इस समस्या को खत्म करने के लिए सर्प दंश से जुड़े शासनादेष में संशोधन कर दिया है।
पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम ही जरूरी
अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह की तरफ से सूबे के सभी जिलों के डीएम को पत्र जारी किया गया। इसमें कहा गया है कि सर्प दंश से मरने वालों का सिर्फ पंचनामा कर पोस्टमार्टम कराया जाए।
सात दिन के भीतर मुआवजा
इसी के आधार पर सात दिवस के भीतर मुआवजा दे दिया जाए। बिसरा प्रिजर्व किए जाने की कोई जरूरत नहीं है। अगर सात दिन में मुआवजा नहीं मिलता है तो फिर संबंधित अफसरों की जिम्मेदारी तय होगी। एडीएम प्रशासन डीपी पाल ने बताया कि शासन से नया आदेश मिल गया है। यह पीड़ित परिवारों के लिए काफी लाभ दायक होता है। विसरा रिपोर्ट के इंतजार में तमाम लोग आवेदन ही नहीं कर पाते थे।