आगरालीक्स…छोटी दीपावली, नरक चतुर्दशी, रूप चौदस पर यम दीपदान कल शनिवार को. जानिए दीपक जलाने और पूजा करने का सर्वोत्तम समय. माता धूमावती और माता काली की भी होगी पूजा
हर साल दीपावली से एक दिन पहले छोटी दिवाली मनाई जाती है। छोटी दिवाली को नरक चतुर्दशी, नरक चौदस, रूप चतुर्दशी और रूप चौदस के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन यम देवता की पूजा और दीप दान का विधान है। इसके अलावा छोटी दिवाली के दिन यम देवता के अलावा माता धूमावती व माता काली की भी पूजा की जाती है। ज्योतिषाचार्य हृदय रंजन शर्मा जी ने बताया की पन्चांग के अनुसार, इस बार कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 7 नवंबर, शनिवार को सुबह 10 बजकर 47 मिनट से शुरू होगी. वहीं, इस तिथि का समापन 8 नवंबर, रविवार को सुबह 11 बजकर 27 मिनट पर होगा. इसके बाद अमावस्या तिथि बड़ी दीपावली शुरू हो जाएगी।
07 नबम्वर 2026 दिन शनिवार छोटी दीपावली, नरकचतुर्दशी पर यम दीपदान पर घर के मुख्य द्वार पर जलने वाला दीपक शनिवार 07 नबम्वर सांयकाल के समय प्रदोष काल में साँय 05:30 से 07:30 के बीच मे घर के मुखिया द्वारा घर के मुख्य द्वार पर यमराज के निमित्त दक्षिणमुखी चौमुखा दीपक जलाया जाता है, जिससे अकाल मृत्यु का भय दूर होता है। 07 नबम्वर दिन शनिवार सुबह 10:47 से चतुर्दशी तिथि प्रारंभ हो जाएगी जिसमें छोटी दीवाली की पूजा करना लाभकारी रहेगा। चतुर्दशी तिथि 08 नबम्वर दिन रविवार की दोपहर 11:27 तक मान्य होगी इसके बाद अमावस्या तिथि श्री महालक्ष्मी पूजा दीपावली का उत्सव प्रारंभ हो जाएगी।
दीपक जलाना पूजा करने का सर्वोत्तम समय प्रदोष काल में माना जाएगा सॉय. 05:30 से रात्री 08:47 तक रहेगा।
इस समय विश्व प्रसिद्ध चौघड़िया मुहूर्त अनुसार गोधूलि की बेला और प्रदोष काल दोनो का समावेश होगा जो किसी भी कार्य के लिए सर्वोत्तम है” लाभ”उद्वेग, शुभ”के चौघड़िया मुहूर्त उपलब्ध होगें जिसमें पूजा करने वाले जातको को हर प्रकार की लाभ और उन्नति प्राप्त होगी।
सांयकाल घर का मुखिया एक थाली में चने की दाल, खील बतासे धूपबत्ती 1 घंटी में पानी सरसों का तेल का दीपक और ₹1 का सिक्का लेकर दीपक जलाते हैं जला हुआ दीपक रखने के बाद धूपबत्ती जलाएं और मंत्र “ओम श्री धूमं धूमं धूमावती स्वाह” की एक माला जाप करते हैं माता धूमावती (दरिद्रताकी देवी) से यह प्रार्थना करते हैं कि हे माता हमारे घर, परिवार, कारोवार से पूरे साल दरिद्रता, रोग, दोष, बुरी नजर का नाश हो यह मनोकामना इच्छा करके लोटा, ग्लास में जल भरकर घर के मुख्य द्वार चौखटो पर चढ़ा कर वापस घर में प्रवेश कर जलतीधूप बत्ती दीपक को नाली के किनारे (मैनगेट) पर रखते हैं ऐसा करने से पूजा करने वाले घर परिवार में वर्ष भर माता धूमावती की कृपा बनी रहती है।
नरक चतुर्दशी पर अभ्यंग स्नान का विशेष महत्व माना जाता है। यह स्नान चतुर्दशी तिथि और उदयकालीन संयोग में किया जाता है। इसलिए छोटी दिवाली का अभ्यंग स्नान 08 नवंबर की सुबह रहेगा, जिसका शुभ मुहूर्त 8 नवंबर 2026 की सुबह 05:41 से 11:26 तक रहेगा। इसमें उबटन लगाने और शरीर की स्वच्छता का विशेष महत्व है। अमावस्या तिथि 08 नवंबर, रविवार को सुबह 11:27 से प्रारंभ होगी। इसके बाद दीपावली का पर्व शुरू होगा।