आगरालीक्स… आगरा के निखिल वुडलैंड अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 404 में अपहरण के बाद आठ दिन तक बडे ज्वैलरों को बदमाशों ने रखा, हरी टी शर्ट से बदमाश एसटीएपफ की आंखों के सामने से फरार हो गए।
झांसी के कोतवाली क्षेत्र के अंतिया तालाब के पास से 12 जुलाई की रात बदमाशों ने नामचीन सर्राफ राजेंद्र कुमार अग्रवाल और राहुल अग्रवाल का अपहरण कर लिया था। बदमाशों ने उनके परिजनों से 25 करोड़ की फिरौती मांगी है। मंगलवार को एसटीएफ ने आगरा के निखिल वुडलैंड अपार्टमेंट, कामायनी के सामने सिकंदरा को घेर लिया, अपार्टमे।ट के फ्लैट नंबर 404 में दोनों ज्वैलर के साथ तीन बदमाश थे। उन्हें एसटीएफ की कार्रवाई की जानकारी हो गई।
एसटीएफ के सामने से हो गए फरार
एसटीएफ के सामने से हो गए फरार
मास्टर माइंड विनोद जाट, जोकि 2011 बैच का सिपाही है और बर्खास्त हो गया था, उसने ज्वैलर राजेंद्र को हरी टी शर्ट पहना दी, वैसी ही एक हरे रंग की टीशर्ट खुद उसने पहन ली। विनोद जाट लिफ्ट से दोनों ज्वैलर को नीचे लेकर पहुंचा, वहां पहले से ही एसटीएफ के जवान खडे हुए थे। उन्होंने पिस्तौल तान दी लेकिन दो लोग एक ही तरह की हरे रंग की टी शर्ट पहने हुए थे, इससे एसटीएफ की टीम बदमाश विनोद जाट को पहचान नहीं सकी, वह दोनों ज्वैलर को आगे कर खंभे की आड लेते हुए पीछे अपार्टमेंट से जंगल के रास्ते से फरार हो गया। दो बदमाश सीढी से उतर रहे थे, उन्हें पकड लिया।
मटर पनीर से लेकर भंडारा खिलाया
उनकी पसंद के हिसाब से मटर पनीर, शाही पनीर, मलाई कोफ्ता, राजमा चावल उन्हें खिलाए गए। कैलाश मेले वाले दिन भंडारे का प्रसाद भी दिया गया। वे खाना पास के ढाबे से लाते थे।
जेल में अपहरण की प्लानिंग
पुलिस ने बताया कि अपहरण की साजिश का ताना बाना जेल में बुना गया। आगरा जेल में बंद देवेंद्र जाट इसका सूत्रधार रहा। उसने प्लान विनोद जाट को दिया। विनोद ने इसे आगे बढ़ाया। इसमें पूरा गिरोह सादाबाद का शामिल रहा। इनमें सौरभ, जितेंद्र गंजा और लोकेंद्र भी शामिल हैं। एसटीएफ उनकी तलाश कर रही है।