आगरालीक्स …आगरा डायबिटीज यानी मधुमेह की राजधानी बनता जा रहा है, शहर के साथ ही अब गांवों में भी शुगर की बीमारी डायबिटीज हो रही है। लॉयन्स क्लब ऑफ आगरा विशाल द्वारा खंदौली वीपी कोल्ड स्टोरेज में रविवार को आयोजित चलो गांव की ओर निशुल्क स्वास्थ्य शिविर में 600 में से 300 ग्रामीणों में अनियंत्रित डायबिटीज की समस्या (दवा लेने पर भी 450 तक डायबिटीज) से पीड़ित थे। 30-35 वर्ष के लगभग 50 से अधिक युवा हाई बीपी और विटामिन डी की कमी के चलते 100 से अधिक मरीज जोड़ों के दर्द व 75 श्वास समस्या से परेशान थे। चिन्ता की बात यह है कि मरीजों की उम्र 30-45 वर्ष तक के बीच थी।

कैम्प के समापन मारोह में ग्रामीणों को संबोधित करते हुए डॉ. एमसी गुप्ता ने पुरानी जीवन शैली पर जोर देते हुए पैदल चलने व संतुलित खान-पान की सलाह दी। खेती काम भी अब मशीनों से हो रहा है। शारीरिक श्रम कम होने से गांव में भी अब डायबिटीज पर हृदय रोगियों की संख्या बढ़ रही है। डॉ. एमसी गुप्ता ने लॉयन्स क्लब ऑफ आगरा की गांव में कैम्प लगाने के प्रसाय की सराहना की। डॉ. अरविन्द जैन ने मरीजों को डायबिटीज से बचाव व नियंत्रित रखने के टिप्स दिए। अतिथियों का स्वागत क्लब के अध्यक्ष संजय बंसल व धन्यवाद ज्ञापन चेयरमैन राजेन्द्र अग्रवाल ने दिया। इस अवसर पर मुख्य रूप से क्लब के सचिव हरीश बरनवाल, कोषाध्यक्ष राहुल गोयल, पीएमसीसी जितेन्द्र चौहान, एमसीसी पारस अग्रवाल, डिस्ट्रिक गवर्नर वीके गुप्ता,वीडीजी अजय सनाड्य, रीजन चेयरपर्सन सुनील अग्रवाल, जोन चेयरपर्सन विनय अग्रवाल, अजय बंसल, अनूप गुप्ता, चंदर माहेश्वरी, सुशील गुप्ता, विनय बंसल, नरेश जैन, प्रमोद कपूर आदि उपस्थित थे। मरीजों का परीक्षण डॉ. अरविन्द जैन, डॉ. हिमांशु, डॉ. रजत गोयल, डॉ. शुभम जैन आदि ने किया। संचालन महेन्द्र जैन ने किया। शिविर में सोना रेनबो हॉस्पीटल का विशेष सहयोग रहा।
700 मरीजों के परीक्षण कितनों को थी क्या समस्या
-600 मरीज डायबिटीज से पीड़ित थे।
-इनमें 300 मरीज की दवा लेने पर भी डायबिटीज 400-450 (अनियंत्रित डायबिटीज) तक थी।
-डायबिटीज के 30 नए मरीज निकले।
-30 फीसदी डायबिटीज के मरीजों में HBA1C जो 6 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए 11 प्रतिशत तक निकली।
-माइक्रोएल्बुमिन की जांच में लगभग 30 मरीजों में डायबिटीज के कारण किडनी शुरुआती स्तर पर प्रभावित थी।
-डायबिडीज के कारण 100 मरीजों में रेटिना की समस्या और 25 मरीजों में रोशनी काफी प्रभावित हो चुकी थी।
-विटामिन डी कमी के कारण लगभग 100 मरीजों को जोड़ों की समस्या व 75 को श्वास की समस्या थी।