आगरालीक्स…(25 November 2021 Agra News) देश में जेन्डर रेशियो यानि लिंगानुपात बेहतर होना महिला शिक्षा, आत्मनिर्भरता और गर्ल्स चाइल्ड को लेकर सोच में बदलाव का नतीजा है…
देश में 1,000 पुरुषों पर 1020 महिलाएं
नेशनल फैमली हेल्थ सर्वे-5 की रिपोर्ट में सामने आया है कि भारत में लिंगानुपात बेहतर हुआ है। देश में अब 1000 पुरुष पर 1020 महिलाएं हैं। इस बारे में डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर मोहम्मद अरशद ने आगरालीक्स से बातचीत में कहा कि महिलाओं का सेक्स रेशियो बढ़ना एक अच्छी बात है। सेक्स रेशियो इसलिए बेहतर हुआ है कि समाज में महिला शिक्षा पर जोर दिया गया है। सरकार की बच्ची बचाओ, बच्ची पढ़ाओ योजना का भी सकारात्मक असर पड़ रहा है।
मिडिल क्लास की सोच में बदलाव
उन्होंने कहा कि मिडिल क्लास में अब लड़कियों को लेकर सोच में बदलाव आया है कि लड़की अधिक विश्ववसनीय और संवेदनशील होती हैं। लोअर मिडल क्लास में भी गर्ल्स चाइल्ड को लेकर इंप्रूव्मेंट हुआ है। नकारात्मक सोच कम होती जा रही है।
लड़कियां आ रही हैं जॉब में
लड़कियां जॉब में आ रही हैं। इससे तलाक को लेकर भी कमी आ रही है।
यूपी में भी लिंगानुपात बेहतर
नेशनल फैमली हेल्थ सर्वे-5 की रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर प्रदेश के सेक्स रेशियो में भी काफी सुधार हुआ है, यहां पहले 1,000 पुरुषों पर 995 महिलाएं थीं लेकिन अब 1,000 पुरुष पर 1017 महिलाएं हैं।
शहरों से ज्यादा गांवों की स्थिति अच्छी
इसमें खास बात यह है लिंगानुपात शहरों की अपेक्षा गांवों में बेहतर हुआ है। गांवों में 1,000 पुरुषों पर 1037 महिलाएं हैं, जबकि शहरों में 985 महिलाएं ही हैं।
देश में प्रजनन दर भी नीचे आई
देश में प्रजनन दर 2 पर आ गई है। वर्ष 2015-16 में यह 2.2 थी। उल्लेखनीय है कि 2.1 की प्रजनन दर को रिप्लेसमेंट मार्क माना जाता है। यानि एक दंपति दो बच्चे पैदा कर रहे हैं तो वो दो बच्चे उन्हें रिप्लेस कर लेंगे। दो से कम बच्चे पैदा होने का मतलब है कि आबादी कम हो रही है।
