आगरालीक्स…। श्री महाकाल भैरव अष्टमी 27 नवम्बर शनिवार को है। बाबा भैरव की आराधना से कष्ट दूर होते हैं। आगरालीक्स में जानिये विस्तृत जानकारी।
ज्योतिषाचार्य हृदयरंजन शर्मा के मुताबिक काल भैरव शिव का रूप हैं। इनकी पूजा करने से आपको भय नहीं सताता है। अगर कोई व्यक्ति शनि, राहु जैसे ग्रहों की वजह से परेशान हैं। गरीबी पीछा नहीं छोड़ रही है। किसी तरह की शारीरिक, आर्थिक और मानसिक समस्याओं से परेशान है तो काल भैरव की प्रार्थना करनी चाहिए।
मार्गशीष अष्टमी को प्रकट हुए थे काल भैरव
शास्त्रों के अनुसार मार्गशीर्ष मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को काल भैरव प्रकट हुए थे। इसलिए इसे काल भैरव अष्टमी भी कहा जाता है। शास्त्रों के अनुसार जो व्यक्ति काल भैरव की पूजा-अर्चना करता है उसके पिछले जन्म और इस जन्म में किए गए पाप नष्ट हो जाते हैं।
कैसे करें पूजा-अर्चना
-काल भैरव अष्टमी के दिन रात के बारह बजे काल भैरव के मंदिर में जाकर सरसों के तेल का दीपक जलाएं, उनको नीले रंग के फूल चढाएं।
-अगर आप अपनी किसी खास मनोकामना को पूरा करना चाहते है तो इसके लिए आज के दिन किसी पुराने काल भैरव के मंदिर में जाकर वहां की साफ़ सफाई करें। काल भैरव को सिंदूर और तेल का चोला चढ़ाएं।
-शनिवार के दिन रात में बारह बजे काल भैरव के मंदिर में जाकर उन्हें दही और गुड़ का भोग लगाएं।
-गुप्त नवरात्रि के दिन आप काल भैरव की साधना करेंगे तो वह अधिक फलदायी होगी। -काल भैरव की प्रार्थना करने के लिए आप उनके मंदिर में जाकर मदिरा, उड़द, दूध, दही, फूल आदि को चढ़ाकर भी बाबा भैरव को खुश किया जा सकता है। इसके अलावा किसी भी ऊपरी बाधा से आपको छुटकारा मिल सकता है!
भैरव जी के आठ रूप हैं
1.असितांग भैरव। 2.चंड भैरव 3.रूरू भैरव 4. क्रोध भैरव 5. उन्मत्त भैरव 6. कपाल भैरव 7. भीषण भैरव 8. संहार भैरव।
भैरव पूजन-दर्शन से कष्टों से निजात के उपाय
-कामनासिद्धि के लिए -शनिवार और रविवार के दिन श्री भैरव मंदिर में जाकर भैरव जी को सिंदूर व चमेली का तेल चढ़ाएं
-गंभीर समस्या से निजात -के लिए उरद की दाल से निर्मित एक सौ आठ बडे बना कर उनकी माला बनाएं और श्री भैरवनाथ जी को चढ़ाएं
-ग्रह क्लेश में सरसों का तेल, खोए की मिठाई, काले वस्त्र, एक जलदार नारियल, कपूर, नींबू श्री भैरव मंदिर में जाकर भैरव जी को चढ़ाएं।
-समस्त कष्टो से निजात पाने के लिए भैरव जी की आरती तेल का दीपक जला कर करनी चाहिए
-काले वस्त्र और नारियल चढाने से अति प्रसन्न होते है भैरव देवता और पूरे परिवार की रक्षा करते हैं फिर भैरव के भक्त को तीनो लोकों में कोई नहीं हरा पता।
-जीवन के हर क्षेत्र में सफलता के लिए भैरव को चौमुखा दीपक जला कर अर्पित करें।