आगरालीक्स…आगरा के सुचर्चित गीतकार सोम ठाकुर. जिनके गीतों के दीवाने महानायक अमिताभ बच्चन भी रहे. ‘सोमरस’ डॉक्यूमेंट्री का हुआ लोकार्पण…कवि-गीतकार सोम ठाकुर की अनकही कहानी, डॉ. कुमार विश्वास की जुबानी
करते हैं तन मन से वंदन, जन गण मन की अभिलाषा का। अभिनंदन अपनी संस्कृति का, आराधन अपनी भाषा का.. ग्वालियर के एक पुस्तक लोकार्पण समारोह में जब पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई जी ने सोम जी के श्रीमुख से इस सुमधुर हिन्दी वंदना को सुना तो वह मंत्रमुग्ध हो गए। 05 दिन बाद सूरीनाम में विश्व हिंदी सम्मेलन होने वाला था। अटल जी ने कहा कि यह हिन्दी वंदना तो वहाँ होनी चाहिए। यह कहकर अटल जी ने अपनी गाड़ी से सोम जी को पासपोर्ट लेने आगरा भेज दिया। बाद में सूरीनाम के विश्व हिंदी सम्मेलन में पढ़ी गई इस हिंदी वंदना ने लाखों हिंदी भाषियों के हृदय पर स्थाई निवास कर लिया।बहुत कम लोगों को पता होगा कि सदी के महानायक अमिताभ बच्चन भी सोम ठाकुर के गीतों के दीवाने थे। वह अपने पिता मशहूर कवि हरिवंश राय बच्चन के नहीं, सोम दा के गीत गुनगुनाते थे। जब भी वे अपने पिताजी के साथ दिल्ली लाल किला पर कवि सम्मेलन में आते थे तो सोम ठाकुर जी का अक्सर ऑटोग्राफ लेते थे.. अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कालजयी कवि-गीतकार सोम ठाकुर की जीवन-यात्रा के ऐसे तमाम अनछुए पहलू और अनकहे किस्से हैं जिन्हें अब सारी दुनिया जब चाहे तब, अपने मोबाइल पर ही देख सुन सकेगी। गौरतलब है कि 'सोम ठाकुर की अनकही कहानी: डॉ. कुमार विश्वास की जुबानी' टैगलाइन के साथ लेखक-निर्देशक फाल्गुनी त्रिपाठी द्वारा 'सोमरस' शीर्षक से लगभग 30 मिनट की एक डॉक्यूमेंट्री तैयार की गई है।
बुधवार-दोपहर 92 वर्षीय सोम दा के स्वास्थ्य-कारणों से उनके अहीर पाड़ा, राजा मंडी स्थित निवास पर एक सादा और संक्षिप्त समारोह में गीत ऋषि सोम ठाकुर फाउंडेशन द्वारा 'सोमरस' डॉक्यूमेंट्री का लोकार्पण किया गया। इस निमित्त समारोह- अध्यक्ष वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. राजेंद्र मिलन और मुख्य अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. मधु भारद्वाज ने सोम दा के स्नेहिल सान्निध्य में पोस्टर रिलीज किया। कार्यक्रम संयोजक, गीत ऋषि सोम ठाकुर फाउंडेशन के महासचिव अमित श्रीदान सिंह ने अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि श्रद्धेय पिताजी सोम ठाकुर जी के ऑफिशियल यट्यूब चैनल @hindipoetsomthakurofficial9759 पर इस डॉक्यूमेंट्री को देखा-सुना जा सकता है। इसकी हृदय स्पर्शी कमेंट्री युग कवि डॉ. कुमार विश्वास द्वारा की गई है।उन्होंने बताया कि जाने-माने कवि डॉ. शिव ओम अंबर, डॉ. उर्मिलेश शंखधर, गजलगो दीक्षित दनकौरी, वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. राजेंद्र मिलन, अशोक अश्रु, लोकस की संपादक रजनी सिंह और सोम दा के ज्येष्ठ पुत्र जाने माने चिकित्सक डॉ. अजीत वरदान सिंह ने सोम दा के संबंध में अपने सारगर्भित विचार और प्रेरक संस्मरण साझा किए हैं। समारोह का समन्वय सोम ठाकुर की सुपुत्री नीराजना, दामाद लख्मी चंद तथा आनंद बंसल ने किया।उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान द्वारा सम्मानित कवि कुमार ललित ने संचालन किया।
सोम ठाकुर जी पद्मश्री सम्मान के हकदार : डॉ. राजेंद्र मिलन
लोकार्पित डॉक्यूमेंट्री के निर्माण में सहयोग करने वाले वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. राजेंद्र मिलन ने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि सोम ठाकुर जी का हिंदी साहित्य के क्षेत्र में योगदान अमूल्य निधि की तरह है। उनके योगदान को देखते हुए उनको 'अटल सम्मान' और यश भारती जैसे अनेक प्रतिष्ठित सम्मान मिल चुके हैं लेकिन सरकार को उन्हें शीघ्र ही पद्मश्री सम्मान प्रदान करना चाहिए। सोम जी पद्म पुरस्कार के सच्चे हकदार हैं।
'सोमरस' डॉक्यूमेंट्री से लाखों होंगे लाभान्वित और प्रेरित : डॉ. मधु भारद्वाज
समारोह की मुख्य अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार डॉ मधु भारद्वाज ने कहा कि 'सोमरस' डॉक्यूमेंट्री से देश- दुनिया में बसे सोम दादा के लाखों प्रशंसक, कविता प्रेमी, गीत रसिक, ब्रजभाषा रसज्ञ, हिंदी अनुरागी, विद्यार्थी व शोधार्थी लाभान्वित और प्रेरित होंगे।
आगरा में ताज ही नहीं, सोम दा के रूप में कविता का सरताज भी है.. आगरा को अपना एक ब्रांड एंबेसडर चुनना हो तो सोम ठाकुर से बढ़कर कोई आदमी नहीं: डॉ. कुमार विश्वास
वर्तमान समय के सर्वाधिक लोकप्रिय कवि डॉ. कुमार विश्वास ने डॉक्युमेंट्री में हृदय स्पर्शी कमेंट्री करते हुए कहा कि सोम ठाकुर सुदर्शन हैं ताजमहल की तरह, मीठे हैं पेठे की तरह और अगर आप उनके गीतों की शरारतें देखो तो उसमें आगरा की दालमोंठ का स्वाद भी आता है। आगरा को अपना एक ब्रांड एंबेसडर चुनना हो तो उसके लिए सोम ठाकुर से बढ़िया कोई आदमी नहीं हो सकता। आगरा में 'ताज' ही नहीं, सोम ठाकुर के रूप में कविता का 'सरताज' भी है।