
सोमवार से हरीपर्वत चौराहे को बंद कर दिया गया था, इसे वन वे करते हुए स्पीड कलर लैब और सेंट जोंस चौराहे से टर्न लेकर दूसरी साइड में जाने की व्यवस्था की गई थी। सुबह 9 बजे से सेंट जोंस चौराहे से हरीपर्वत और दूसरी तरफ स्पीड कलर लैब से लेकर सेंट जोंस चौराहे तक जाम लग गया। वाहनों का लोड बढता गया और जाम लंबा होता गया। इसी बीच दोपहर 11 बजे से नर्सरी के बच्चों की स्कूल की छुटटी होने लगी। इससे लंबे जाम और तेज धूप में वैन और स्कूल बस में फंसे बच्चे बिलखने लगे। देखते ही देखते बहुत लंबा जाम लगता चला गया।
एसएसपी के आदेश पर खोला गया हरीपर्वत
एमजी रोड पर तेज धूप में जाम में बच्चों के पफंसने की शिकायत एसएसपी प्रीतिन्दर सिंह के पास पहुंचने लगी। उन्होंने हरीपर्वत चौराह को खोलने के निर्देश देते हुए पूर्व की तरह से ट्रैफिक व्यवस्था लागू करने के निर्देश दे दिए गए। मगर, जैसे ही हरीपर्वत चौराहे को खोला गया, इससे और लंबा जाम लग गया। दोपहर दो बजे तक लोग हरीपर्वत और सेंट जोंस कॉलेज चौराहे पर जाम में फंसे रहे।
ये की गई थी व्यवस्था
हरीपर्वत चौराहे और सेंट जोंस पुल पर बैरियर लगा दिए गए। इसके साथ ही ट्रायल शुरू हो गया। एसपी ट्रैफिक आरके सिंह ने बताया कि पहले दिन ट्रायल सफल रहा। चौराहे पर जाम की समस्या नहीं हुई। सेेंट जोंस पर भी बैरियर लगाए गए हैं, जिससे वाहनों को टर्न लेने में किसी तरह की परेशानी न हो। सोमवार को भी ट्रायल सफल रहता है तो मंगलवार से इसे लागू कर दिया जाएगा।
नालबंद के लिए बना था नया प्लान
नालबंद पर भी यही व्यवस्था की गई थी। पंचकुइयां की ओर जाने वाले वाहनों को सुभाष पार्क से टर्न लेना पड़ता है। इससे जहां नालबंद पर जाम की समस्या से मुक्ति मिल गई, लेकिन सुभाष पार्क पर वाहन के रुकने के कारण एमजी रोड पर जाम की समस्या खड़ी हो गई। इसी तरह कलक्ट्रेट में जब वाहन टर्न करते हैं तो वाहनों के रुकने के कारण जाम लग जाता है।
प्लान बनें, लेकिन फेल हो गए
शहर में जाम की समस्या सिर्फ एमजी रोड पर ही नहीं है। यहां के अलावा शाहगंज, लोहामंडी, मदिया कटरा, पालीवाल पार्क, भगवान टाकीज, रामबाग, यमुना किनारा मार्ग पर भी जाम की समस्या रहती है। तत्कालीन एसपी ट्रैफिक ने मदिया कटरा, शाहगंज और लोहामंडी के लिए ट्रैफिक प्लान बनाया था, जो कुछ दिन बाद ही फेल हो गया। लोगों को अब भी जाम की समस्या का सामना करना पड़ता है।
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