
ढाई घंटे में मिली अनुमति
तेंदुआ वन्य प्राणी है, इसे पकडने के लिए अनुमति लेनी होती है। वन विभाग द्वारा तेुंदुआ को पकडने के लिए अनुमति मांगी गई, इस दौरान आस पास लोगों की भीड लग गई, वे मकानों पर चढ गए और वन विभाग की टीम अनुमति का इंतजार करती रही। ढाई घंटे बाद शाम को तेंदुआ को पकडने की अनुमति मिली। इसके बाद वन विभाग की टीम हरकत में आई।
इंजेक्शन लगाने के बाद भी नहीं हुआ बेहोश
किचिन के जंगले से तेंदुआ को बेहोश करने के लिए तेज गति से इंजेक्शन मारे गए, इंजेक्शन लगने के बाद भी वह बेहोश नहीं हुआ। इसके बाद टीम ने एक और इंजेक्शन लगाया।
कोठी के खुले मैदान में तेंदुआ ने लगाई दौड
इसके बाद वन विभाग की टीम ने किचिन का गेट खोल दिया, गेट खुलते ही तेंदुआ ने दौड लगा दी, सैकडों लोग आस पास के मकानों में छत पर तेंदुआ को देख रहे थे। पुलिस कर्मी , वन विभाग और स्थानीय लोग मैदान में खडे होने पर तेंदुआ दौडता हुआ दूसरे कमरे में जो घुसा।
रात नौ बजे पकडा गया तेंदुआ
किचिन से निकलकर तेंदुआ दूसरे कमरे में घुस गया। वन विभाग की टीम ने उसे एक और इंजेक्शन लगाया, इसके बाद उसे काबू किया जा सका, टीम ने रात नौ बजे तेंदुआ को पकडा और उसे अपने साथ ले गए।
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