आगरालीक्स…आगरा में मेट्रो की 32 ट्रेनें चलेंगी. हर 5 से 10 मिनट में मिलेगी मेट्रो की सुविधा. जानिए कितने बनेंगे स्टेशन और क्या मेट्रो दिलाएगी जाम से मुक्ति
तेजी से चल रहा मेट्रो प्रोजेक्ट
आगरा मेट्रो प्रायॉरिटी कॉरिडोर में ताज ईस्ट गेट, बसई एवं फतेहाबाद रोड ऐलिवेटिड मेट्रो स्टेशन हैं, जबकि ताजमहल, आगरा किला एवं जामा मस्जिद भूमिगत मेट्रो स्टेशन हैं. फिलहाल, ताज ईस्ट गेट एवं बसई मेट्रो स्टेशन का सिविल निर्माण कार्य पूरा होने के बाद फिनिशिंग कार्य किए जा रहे हैं. इसके साथ ही भूमिगत भाग में भी तेज गति के साथ निर्माण कार्य किए जा रहे हैं. भूमिगत भाग में आगरा फोर्ट मेट्रो स्टेशन पर टॉप-डाउन प्रणाली के तहत डायफ्राम वॉल का निर्माण किया रहा है. फिलहाल, आगरा फोर्ट मेट्रो स्टेशन की 50 प्रतिशत से अधिक डायफ्राम वॉल तैयार हो गई है. वहीं, ताजमहल मेट्रो स्टेशन पर गाइड वॉल का निर्माण किया जा रहा है. इसके साथ ही राम लीला ग्राउंड में टनल बोरिंग मशीन की लॉन्चिंग हेतु लॉन्चिंग शाफ्ट का निर्माण किया जा रहा है.
आगरा में जाम बड़ी समस्या
आगरा में यातयात जाम लोगों के लिए सबसे बड़ी समस्या है. शहर के मुख्य मार्ग हों या फिर हाइवे…जाम से हर समय दो—चार होना ही पड़ता है. शहर के कई चौराहे और प्वाइंट ऐसे हैं जहां जाम मिलना लगभग तय है. इनमें आईएसबीटी, सिकंदरा, टेड़ी बगिया, आरबीएस चौराहा, मदिया कटरा, लोहामंडी, बोदला, शाहगंज, बिजलीघर, फतेहाबाद रोड मुख्य हैं. लोगों का मानना भी है कि जाम के कारण उनका काफी टाइम बेकार चला जाता है.
आगरा में मेट्रो हर पांच से दस मिनट में मिलेगी
आगरा मेट्रो के दोनों कॉरिडोर पर 32 ट्रेनें चलेंगी. हर पांच से दस मिनट के अंतराल में लोगों के लिए मेट्रो उपलब्ध होगी. आगराइट्स को मेट्रो से एक किलोमीटर का सफर तय करने में दो से तीन मिनट लगेंगे. 14 किलोमीटर लंबा होगा पहला कॉरिडोर. यह ताजमहल से सिकंदरा तक होगा. वहीं दूसरा कॉरिडोर 16 किलोमीटर लंबा होगा जो कि आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक होगा.
गौरतलब है कि आगरा में 29.4 किमी लंबे दो कॉरिडोर का मेट्रो नेटवर्क बनना है, जिसमें 27 स्टेशन होंगे. ताज ईस्ट गेट से सिकंदरा के बीच 14 किमी लंबे पहले कॉरिडोर का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है. इस कॉरिडोर में 13 स्टेशनों का निर्माण होगा. जिसमें 6 एलीवेटेड जबकि 7 भूमिगत स्टेशन होंगे. इसके साथ ही आगरा कैंट से कालिंदी विहार के बीच लगभग 16 कि.मी. लंबे दूसरे कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा, जिसमें 14 ऐलीवेटेड स्टेशन होंगे.