आगरालीक्स ….आगरा के बड़े बिल्डर ने फ्लैट का बैनामा नहीं किया, 10 लाख का चेक लौटाया, वह डिसआर्नर हो गया, कोर्ट ने सुनाई दो साल की कैद और लगाया 20 लाख का जुर्माना।
आगरा के संजय प्लेस में विज कंस्ट्रक्शन कंपनी का ऑफिस है, इसके मालिक योगेश विज पर भरतपुर हाउस थाना हरीपर्वत निवासी नीतू अमरनानी ने कोर्ट में परिवाद प्रस्तुत किया। आरोप लगाए कि विज कंस्ट्रक्शन कंपनी के मालिक योगेश विज से 2010 में फ्लैट खरीदने के लिए संपर्क किया। बिल्डर द्वारा सिकंदरा क्षेत्र में दिखाया गया फ्लैट उन्हें पसंद आ गया, फ्लैट पसंद आने पर फरवरी 2010 में पांच लाख कैश और पांच लाख का चेक दिया। इसके बाद फ्लैट का बैनामा कराने के लिए कहा लेकिन बैनामा नहीं किया।

10 लाख का चेक दिया, हो गया डिसआर्नर
नीतू अमरनानी ने आरोप लगाया है कि बैनामा न करने पर उन्होंने पैसे वापस करने के लिए कहा, इस पर बिल्डर योगेश विज ने उन्हें 10 लाख रुपये का चेक दे दिया, अप्रैल 2012 में उन्होंने बैंक में चेक लगाया लेकिन बिल्डर के बैंक एकाउंट में पर्याप्त धनराशि न होने पर चेक डिसआर्नर हो गया।
दो साल की कैद और जुर्माना
नीतू अमरनानी ने विधिक नोटिस दिया इसके बाद भी धनराशि का भुगतान नहीं किया गया। इस पर कोर्ट में परिवाद प्रस्तुत किया। अतिरिक्त न्यायालय संख्या-दो के पीठासीन अधिकारी सुरेशचंद ने साक्ष्यों के आधार पर बिल्डर योगेश विज निवासी सूर्य नगर हरीपर्वत को दोषी पाया। कोर्ट ने उन्प्हें दो वर्ष कारावास की सजा और 20 लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड की राशि प्रतिकर के रूप में वादिनी को दिलाने के आदेश किए। अर्थदंड अदा न करने पर बिल्डर को छह महीने के अतिरिक्त कारावास से दंडित किया।
बिल्डर की तरफ से दिया गया तर्क
जबकि बिल्डर के अधिवक्ता में कोर्ट ने कहा कि नीतू अमरनानी व एक अन्य के साथ दूसरी जमीन का सौदा किया गया था। बतौर सिक्योरिटी में चार चेक दिए थे। ये तय हुआ था कि उक्त भूमि का विवाद कलक्ट्रेट में चल रहा है। आरोपित के पक्ष में फैसला आने पर वह बाकी धनराशि लेकर जमीन को नीतू व दूसरे विक्रेता के पक्ष में कर देगा। मगर, उक्त जमीन को सरकार ने अधिग्रहण कर लिया। जिसके चलते जमीन का बैनामा वादिनी के पक्ष में नहीं किया जा सका। वादिनी ने यह चेक गलत तरीके से प्रस्तुत किया है।