आगरालीक्स… त्योहारी सीजन में इलेक्ट्रिक कार, बाइक, स्कूटर की धूम है लेकिन अब दुनिया में इलेक्ट्रिक हवाई जहाज भी बन गया है। कुछ सालों में यह बाजार में भी बिकेगा।
इलेक्ट्रिक विमान का वाशिंगटन में सफल परीक्षण

इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति बढ़ते क्रेज को देखते हुए पहला ऑल इलेक्ट्रिक हवाई जहाज़ तैयार हो गया है। इस हवाई जहाज़ का नाम एलिस है। इसने कुछ दिनों पहले अमेरिका के वाशिंगटन में सफ़ल उड़ान भरी है।
साढ़े तीन हजार फीट की सफल ऊंची उड़ान भरी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस ऑल इलेक्ट्रिक हवाई जहाज़ के प्रोटोटाइप को इज़रायल की कंपनी इविएशन एयरक्राफ़्ट ने बनाया है। एलिस ने पूरे एयरफ़ील्ज के दो चक्कर लगाए और 3500 फ़ीट की ऊंचाई तक गई। एलिस ने वाशिंगटन स्टेट के ग्रैंड काउंटी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सफ़ल उड़ान भरी, तकरीबन 8 मिनट की फ़्लाइट के बाद हवाई जहाज़ ने सफ़लतापूर्वक लैंड किया।
एलिस विमान प्राइवेट जेट की तरह का
इविएशन एयरक्राफ़्ट के प्रेसिडेंट और सीईओ ग्रेगरी डेविड ने कहा कि ये ऐतिहासिक पल है। एलिस में कम से कम 9 यात्री बैठ सकते हैं। ये एक प्राइवेट जेट की तरह ही दिखता है। इलेक्ट्रिक कार में जिस बैटरी तकनीक का इस्तेमाल होता है एलिस में भी वैसी ही तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।
तीन मिनट के चार्ज में एक घंटे की उड़ान, फिलहाल लंबी दूरी के लिए नहीं
तीन मिनट चार्ज करने पर ये हवाई जहाज़ 1 घंटे तक उड़ सकता है। फिलहाल इस विमान को को लंबी दूरी का ध्यान रखकर डिज़ाइन नहीं किया गया है। हालांकि अभी इस हवाई जहाज़ की रैंज इतनी है कि इससे आसानी से लंदन से पैरिस, एम्सटर्डैम या ज़्यूरिक तक पहुंचा जा सकता है।
रफ्तार में कम लेकिन है बहुत शांत
एलिस विमान स्पीड के मामले में आज के पैसेंजर जेट्स से पीछे है। एक बोइंग 737 की रफ़्तार 588 मील प्रति घंटा है लेकिन एलिस की रफ़्तार 287 मील प्रति घंटा है। एलिस में कम्बश्चन इंजन नहीं लगा जिस वजह से इसका सफ़र अन्य हवाई जहाज़ की तुलना में शांत होगा। कंपनी का दावा है कि इस ऑल इलेक्ट्रिक हवाई जहाज़ को ज़्यादा मेन्टेनेंस की भी ज़रूरत नहीं है।
तीन कन्फ़ीगरेशन बनाए, 2027 में बाजार में आएगा
कंपनी ने इस एयरक्राफ़्ट के तीन कन्फ़ीगरेशन बनाए हैं कम्युटर, एक्ज़ेकेटिव और कार्गो. कम्युटर हवाई जहाज़ में 9 यात्री और 2 पायलट सफ़र कर सकते हैं, वहीं एक्ज़ेकेटिव हवाई जहाज़ में सिर्फ़ 6 यात्री ही सफ़र कर सकते हैं। एविएशन एयरक्राफ़्ट का दावा है कि 2027 तक यह हवाई जहाज़ बाज़ार में मिलने लगेंगे.