आगरालीक्स… आगरा में अपने रिटायर सरकारी कर्मचारी पिता के शव के साथ उनका दिव्यांग बेटा तीन दिन तक रहा, घर के दरवाजे बंद कर रखे थे, दरवाजा खुला तो होश उड गए, तीन दिन बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया, मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है।
आगरा के थाना लोहामंडी के गली कारवान में शोभाराम माहौर (70) अपने दिव्यांग बेटे अशोक (35) वर्ष के साथ रह रहे थे। वे मूल रुप से मंटोला के रहने वाले थे, शोभाराम और उनकी पत्नी विद्या देवी राजस्थान में सरकरी नौकरी करती थी। पत्नी का निधन हो गया है। रिटायर होने के बाद से वे कारवान गली में रह रहे थे। उनके बेटे अशोक की शादी हो चुकी है। लेकिन पत्नी छोड कर चली गई।
शनिवार 3 सितंबर को शोभराम के घर से खून बह रहा था। पुलिस ने जब मकान का दरवाजा खुलवाया तो शोभराज के शव के साथ उनका बेटा अशोक बैठा हुआ था, पुलिस कर्मी शव के पास पहुंचे तो वह कहने लगा कि मेरा बाप सो रहा उसे जगाओ मत।
तीन दिन से बंद था घर
स्थानीय लोगों ने पुलिस को बताया है कि 31 अगस्त के बाद से अशोक ने दरवाजा नहीं खोला था। आशंका है कि 31 अगस्त को ही शोभराज की मौत हो गई थी, इसके बाद से उनका बेटा अशोक अपने पिता के शव के साथ बैठा रहा। पुलिस का कहना है कि शोभराज और उनका बेटा अशोक दोनों की नशा करते थे, इस मामले में पोस्टमार्टम कराया गया, लेकिन मौत का कारण पता नहीं चल सका है।
स्थानीय लोग सकते में
पिता के शव के साथ तीन दिन तक कमरे में बंद रहने की जानकारी से कॉलोनी के लोग सकते में हैं, घर से बदबू न आती तो शव कई दिनों तक घर में ही रहता। पुलिस भी मामले की जांच कर रही है।
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