आगरालीक्स…आगरा में वृद्धावस्था पेंशन, छात्रवृत्ति, कन्या सुमंगला योजना व बाल सेवा योजना के लगेंगे कैंप. बाल अधिकार संरक्षण आयोग सदस्य ने दिए आदेश
आगरा में मंगलवार को उत्तर प्रदेश राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य अनीता अग्रवाल ने सर्किट हाउस में विभिन्न सम्बन्धित विभागों के साथ समीक्षा की. बैठक में उन्होंने विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ दिलाए जाने के लिये सम्बन्धित अधिकारियों से योजनाओं के बारे में विस्तृत रूप से चर्चा की और योजनाओं का लाभ अन्तिम व्यक्ति तक पहुचाने को कहा. उन्होंने संबंधित विभागों से जन कल्याणकारी योजनाओं के बारे में समीक्षा करते हुए शिकायतों के निस्तारण में प्रगति लाने को कहा. उन्होंने स्वास्थ्य विभाग, समाज कल्याण विभाग, दिव्यांगजन विभाग व महिला कल्याण विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर उक्त से सम्बन्धित योजनाओं में तेजी लाने के भी निर्देश दिए. साथ ही वृद्धावस्था पेंशन, छात्रवृत्ति, कन्या सुमंगला योजना व बाल सेवा योजना से संबंधित विभिन्न स्थानों पर कैंप लगाकर अधिक से अधिक आमजन को जागरूक करने तथा लाभ दिये जाने को कहा.

बैठक में सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि प्रायः यह देखा गया है कि कन्या सुमंगला योजना के बारे में आमजन व लाभार्थियों में जागरूकता की कमी है, जिससे आंगनबाड़ी केन्द्र, विद्यालयों में भी पोस्टर के माध्यम से अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार किया जाय तथा स्कूलों में कायाकल्प योजना के तहत् उनकी मरम्मत, सौन्दर्यीकरण एवं साफ-सफाई व शौचालय की भी व्यवस्था ठीक करायी जाये. उन्होंने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिये कि विद्यालयों के आस-पास नशे की दुकानों को हटाने की कार्यवाही की जाये. उन्होंने कहा कि विद्यालय के 100 मीटर की दूरी में धूम्रपान न करने तथा विद्यालयों में 1098 की जानकारी समय-समय पर बच्चों को दिया जान सुनिश्चित करने को कहा. उन्होंने बैठक में जिला दिव्यांग अधिकारी व जिला अल्पसंख्यक अधिकारी को अनुपस्थित पाये जाने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए नोटिस जारी करने के निर्देश दिये. श्रम विभाग ने बैठक में जानकारी देते हुए बताया कि विभाग द्वारा 126 बच्चे रेस्क्यू किये गये तथा सीडब्ल्यूसी के माध्यम से कार्यवाही की गई.
उ0प्र0 राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की जनसुनवाई में कुल-04 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिसका निस्तारण मौके पर ही किया गया. बाल अधिकारी संरक्षण आयोग की सदस्या ने दोहरेटा मुरली विहार के मदरसे का निरीक्षण किया तथा पाया कि मदरसे के बच्चे सामान्य हिन्दी व अंग्रजी की पुस्तकें पढ़ने में भी असमर्थ हैं, श्रीमती अग्रवाल द्वारा उपस्थित हाफिज को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के साथ ही अंग्रेजी की सामान्य समझ विकसित करने के निर्देश दिये. मदरसे में साफ-सफाई की उचित व्यवस्था न होने पर नाराजगी व्यक्त की तथा बच्चों के लिये निःशुल्क व अनिवार्य शिक्षा के तहत् सरकार द्वारा प्रस्तावित शिक्षा पद्यति पर शिक्षित करने को निर्देशित किया. उक्त अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी आदिश मिश्रा, क्षेत्राधिकारी छत्ता सुकन्या शर्मा सहित अन्य संबंधित अधिकारीगण उपस्थित थे.