आगरालीक्स… आगरा की कचौड़ी हो या बेढ़ई, सब्जी, समोसे और भल्ले का जो जायका बनता है, उसमें चौबेजी के दाल के मसाले का भी योगदान।
आगरा का खान-पान में है विशेष स्थान
आगरा को खान-पान के मामले में विशेष स्थान प्राप्त है। हर जगह की कचौड़ी, बेढ़ई, भल्ला, समोसा, पेटीज सबका जायका अलग-अलग है। लोग यहां आने पर कचौड़ी-बेढ़ई का स्वाद लेना नहीं भूलते हैं
बात स्वाद की हो तो चौबेजी का दाल का मसाला
कैटर्स, कारीगर किसी भी प्रतिष्ठान पर सामान बनाते हैं तो अपने हिसाब से मसाले मिलाते हैं लेकिन बात जब स्वाद की आती है तो वह आलू की कचौड़ी हो या दाल की बनी बेढ़ई, समोसा हो या पेटीज में चौबेजी का दाल का मसाला मिलाने की सलाह देने से नहीं हिचकिचाते।
इस बारे में चौबेजी दाल के मसाले के संचालक विकास चतुर्वेदी का कहना है कि उनके यहां से आगरा के सभी प्रमुख विक्रेताओं के यहां अलग से सभी मसालों की बिक्री होती है, उसमें दाल का मसाला प्रमुख रूप से शामिल है।