आगरालीक्स ….अब चीन भी हिंदी सीख रहा है, उसे पता है कि ग्लोबल मार्केट में हिंदी के बिना काम नहीं चल सकता है। आगरा के केंद्रीय हिंदी संस्थान द्वारा बुधवार को सूरसदन में हिंदी—मिजो अध्येता कोश का लोकार्पण करने पहुंचे मिजोरम के राज्यपाल लेफिटनेंट निर्भय सिंह ने कहा कि पूर्वोत्तर राज्यों में हिंदी सीखने और सिखाने पर और अधिक जोर दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चीन ग्लोबल मार्केट को देखकर हिंदी सीख रहा है, इसी तरह पूर्वोत्तर राज्यों में युवा हिंदी की उपयोगिता समझ रहे हैं और हिंदी सीख रहे हैं। कुछ वर्ष पहले एक स्टूडेंट से हुई शुरुआत अब लगातार बढ़ रही है। 2016—17 के बैच में आगरा और दिल्ली में करीब 19 चीनी स्टूडेंट हिंदी सीख रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान को बालीवुड से भी जाना जा रहा है। बॉलीवुड हिंदी को आगे बढ़ा रहा है। हिंदी फिल्मों के गीतों और उनके डॉयलाग ने गैरहिंदी भाषी लोगों तक हिंदी को पहुंचाने का काम किया है। देश डिजिटल हो रहा है। लेकिन आजादी के बाद पूर्वोत्तर में अभी भी लोगों तक सुविधाएं नहीं पहुंची हैं। मिजोरम के राज्यपाल ने निर्भय शर्मा ने कहा कि पूर्वोत्तर के कई लोगों ने रेलगाड़ी नहीं देखी है। आज कनेक्टिविटी बढ़ाने की जरूरत है। भाषा को प्रमोट करना है सीखना है। डिजिटल, सोशल और कल्चरल कनेक्टिविटी को साथ लेकर चलना है।
शब्दों को सहेज रहा केंद्रीय हिंदी संस्थान
केंद्रीय हिंदी संस्थान के निदेशक प्रो.नंद किशोर पांडेय ने कहा कि शब्दों को सहेजने के लिए केंद्रीय हिंदी संस्थान लगातार कार्य कर रहा है। इसी कड़ी में मिजो के शब्द और भाषा के लिए हिंदी—मिजो अध्येता कोश तैयार किया गया है। अन्य भाषाओं पर भी शब्दकोश तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि छह देशों में हिंदी पद हिंदी संस्थान के विद्यार्थी आसीन हैं। हिंदी के लिए गुवाहाटी, दीमापुर में विशेष काम किए जा रहे हैं। वहीं मिजोरम में बीएड की क्लास चल रही है।कमल किशोर गोयनका, संस्थान के कुलसचिव डॉ. चंद्रकांत त्रिपाठी, डॉ.देवेंद्र शुक्ला आदि मौजूद रहे।
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