आगरालीक्स…आज रात को नहीं हो सकेंगे ठाकुर बांकेबिहारी जी के दर्शन. दोपहर में ही शयन आरती होने के बाद बंद हो जाएंगे पट.
शरद पूर्णिमा पर इस बार चंद्रग्रहण है. आज रात को पड़ने वाले चंद्रग्रहण का सूतक काल शाम को चार बजे के करीब शुरू हो जाएगा. ऐसे में सभी मंदिरों के पट भी दोपहर बाद बंद कर दिए जाएंगे. वृंदावन के ठाकुर बांकेबिहारी शरद पूर्णिमा पर गर्भगृह से बाहर आकर चांदी के सिंहासर पर विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देते हैं. वर्ष के एक दिन बांकेबिहापरी शर पूर्णिमा की धवल चांदनी में सिर पर मोर मुकुट, ओठों पर मुरली और कटि काछिनी, चांदी की पायल धारत करते हैं. इसके अलावा रेशम जरी श्वेत रंग की पोशाक भी धारण करते हैं. शरद पूर्णिमा पर महारास के पूर्ण स्वरूप में बांकेबिहारी के विशेष दर्शन को देश विदेश से लाखों श्रद्धालु आते हैं, लेकिन इस बार चंद्रग्रहण के कारण भगवान के ये विशेष दर्शन भक्तों को नहीं हो पाएंगे.
चंद्रग्रहण से पहले पड़ने वाले सूतक के कारण मंदिर में होने वाली राजभोग और श्यन भोग की सेवा दोपहर साढ़े तीन बजे तक होगी. रात को होने वाली शयन आरती दोपहर साढ़े तीन बजे होकर मंदिर के पट बंद हो जाएंगे. इससे पहले ही शरद पूर्णिमा पर होने वाले बांकेबिहारी के दर्शन चांदी के सिंहासन पर होंगे. मंदिर के प्रबंधक मुनीश शर्मा ने बताया कि आज साढ़े तीन बजे बांकेबिहारी के पट बंद हो जाएंगे, इसके बाद दूसरे दिन 29 अक्टूबर को अपने निर्धारित समय पर ही बांकेबिहारी के पट खुलेंगे.