आगरालीक्स…आगरा मेट्रो के रुनकता स्थित कास्टिंग यार्ड में यू—गर्डन की कास्टिंग शुरू. आईएसबीटी, गुरु का ताल और सिकंदरा मेट्रो स्टेशन के लिए बनेंगे यू गर्डर
उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने रुनकता स्थित कास्टिंग यार्ड में आगरा मेट्रो के प्रथम कॉरिडोर के शेष एलिवेटेड भाग में यू-गर्डर की कास्टिंग का शुरू हो गई है। आगरा मेट्रो के वरिष्ठ अधिकारीयों ने पूजा-अर्चना करने के बाद पारंपरिक तरीके से नारियल फोड़कर कास्टिंग की शुरूआत की।
बता दें कि 28 मीटर लंबे इस यू-गर्डर का वजन लगभग 165 टन है। यह यू गर्डर पारंपरिक तौर पर प्रयोग होने वाले बॉक्स गर्डर की तुलना में ज्यादा प्रभावी एवं उपयोगी है। अंग्रेजी अक्षर ‘यू’ जैसा आकार होने के कारण इसके दोनों छोर पर अधिक जगह मिलती है, जिससे यहां आसानी से सिग्नलिंग उपकरण लगाये जा सकते हैं। इसके साथ ही यू-गर्डर के प्रयोग से न सिर्फ समय की बचत होती है बल्कि निर्माण लागत में भी कमी आती है।
प्रीकास्ट तकनीक के जरिए कास्टिंग यार्ड में यू-गर्डर का निर्माण किया जाता है। इसके बाद ट्रक के जरिए यू- गर्डर को साइट पर ले जाकर क्रेन की मदद से दो पिलर्स के बीच में रखा जाता है। इस तकनीक के जरिए निर्माण स्थल के आसपास राहगीरों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता। ताज ईस्ट गेट से सिकंदरा के बीच बन रहे प्रथम कॉरिडोर के शेष ऐलिवेटिड भाग में कुल 172 यू गर्डर का प्रयोग किया जाना है। रुनकता स्थित कास्टिंग यार्ड में अबतक पीयरकैप एवं डबल टी गर्डर की कास्टिंग की जाएगी।
गौरतलब है कि ताजनगरी आगरा में 29.4 कि.मी. लंबे दो कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें कुल 27 स्टेशन हैं। 14 कि.मी. लंबे प्रथम कॉरिडोर का निर्माण ताज ईस्ट गेट से सिकंदरा के बीच किया जा रहा है। इस कॉरिडोर में 13 स्टेशनों है, जिसमें 6 एलीवेटिड जबकि 7 भूमिगत स्टेशन हैं। वहीं, आगरा कैंट से कालिंदी विहार के मध्य लगभग 16 कि.मी. लंबे दूसरे कॉरिडोर में 14 एलिवेटेड स्टेशनों का निर्माण कार्य जल्द शुरू किया जाएगा।