Monday , 20 April 2026
Home हेल्थ Agra News: HBNC is effective in case of low temperature of newborn…#agranews
हेल्थ

Agra News: HBNC is effective in case of low temperature of newborn…#agranews

115

आगरालीक्स…सर्दी के दिनों में नवजात का तापमान होने की रहती है आशंका. नवजात का तापमान कम होने की स्थिति में कारगर है एचबीएनसी. आशा कार्यकर्ताओं द्वारा दी जा रही जानकारियां

सर्दियों ने दस्तक दे दी है। ऐसे में नवजात शिशु के स्वास्थ्य पर बारीकी से नजर रखने की आवश्यकता है। ऐसे में नवजात के शरीर के तापमान पर जरूर नजर बनाए रखें। तापमान कम होने की स्थिति में गृह आधारित नवजात शिशु देखभाल(एचबीएनसी) काफी कारगर है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत नवजात शिशुओं के देखभाल के लिए आशा कार्यकार्ताओं द्वारा गृह भ्रमण करके नवजात की मां और परिवार के सदस्यों को एचबीएनसी का प्रशिक्षण दिया जाता है। यह प्रशिक्षण सर्दी के मौसम में काफी कारगर साबित होता है। गृह भ्रमण के दौरान मां और बच्चे के स्वस्थ से संबंधी जानकारी प्राप्त करती हैं, इसी दौरान बच्चों को हाइपोथर्मिया से बचाने के लिए मां किस तरह से बच्चे को कंबल में लपेट कर पेट से लगाकर गर्माहट देने हैँ इस का अभ्यास भी कराती हैं।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि जन्म के बाद नवजात शिशु को गर्म रखना बहुत जरूरी है। जन्म के समय और अपने जीवन के पहले दिन शिशु के शरीर के लिए अपने शरीर का तापमान बनाए रखना कठिन होता है। जन्म के समय वह गीले होते हैं और उनके शरीर का तापमान तेजी से घटता है। यदि उन्हें ठंड लग जाए, तो वह अपनी ऊर्जा का प्रयोग गर्म रखने के लिए करते हैं और बीमार हो जाते हैं ऐसे शिशु जिनका वजन जन्म के समय कम होता है और 9 महीने के पहले जन्मे शिशुओं में ठंड लगने का खतरा अधिक होता है। नवजात के माता-पिता के सचेत रहने से ही बच्चे को हाइपोथर्मिया (सामान्य ठंडा) से बचाने में कामयाब हो सकते हैं।

एसीएमओ आरसीएच डॉ संजीव वर्मन ने बताया कि बच्चे का तापमान 97 या 98 है तो बच्चा सामान्य है। अगर बच्चे का तापमान 97 से कम होता है तो बच्चा हाइपोथर्मिया की चपेट में आना शुरू हो जाता है। जब बच्चे का तापमान 95 से कम होता है तो बच्चे को स्वास्थ्य इकाई पर रेफर किया जाता है। अभिभावकों को हाइपोथर्मिया की सही जानकारी से हम सभी बच्चों को हाइपोथर्मिया होने से बचा सकते हैं। आशा कार्यकर्ता गृह भ्रमण के दौरान अभिभावकों को बच्चे को ठंड से बचाव के तरीके के बारे में जानकारी देती हैं। हाइपोथर्मिया (सामान्य ठंडा) की चपेट से बचाने के लिए यूनिसेफ संस्था के द्वारा आशा कार्यकर्ताओं और आशा संगिनी को समय-समय पर टेक्निकल सहयोग के माध्यम से क्षमता वर्धन किया जाता है।

नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. मेघना शर्मा बताती हैं कि जन्म के समय शिशु का तापमान 97.7 डिग्री फरेनहाइट (36.5 डिग्री सेल्सियस) (सामान्य तापमान) हो, और यदि उसे अच्छी तरह सुखाया या ढका न जाए, तो उसके शरीर का तापमान 95 डिग्री फरेनहाइट (35.0 डिग्री सेल्सियस) हो जाएगा, जो सामान्य से कम है। डॉ. मेघना शर्मा बताती हैं कि अधिकांश नवजात शिशु के शरीर की गर्मी जन्म के बाद पहले मिनट में कम हो जाती है। शिशु के शरीर का तापमान सामान्य कम हो जाए, तो उसे हाइपोथर्मिया ( सामान्य ठंडा ) कहा जाता है।

आशा कार्यकर्ता मुंदरा बताती है कि वह अपने क्षेत्र में पैदा हुए नवजात शिशुओं के घर जाकर उनकी मां और परिवार के सदस्यों को कंबल लपेटकर नवजात को गर्म रखने, नवजात की साफ-सफाई रखने, उसे सही तरीके से स्तनपान कराने, बच्चे को छूने से पहले अच्छी तरह से हाथ धोने का प्रशिक्षण देती हैं। इसके साथ ही नवजात का टीकाकरण समय से कराने के बारे में भी जानकारी देती हैं। नगला हरनोखा निवासी 22 वर्षीय अंजली बताती हैं कि उनकी चार माह पहले ही संस्थागत प्रसव हुआ है, अभी एक सप्ताह पहले उनके शिशु को सर्दी लग गई थी, जिससे बच्चे का तापमान कम होने लगा था। ऐसे में आशा दीदी द्वारा दी गई जानकारी से हमने बच्चे को कंबल से लपेट दिया और उसका तापमान नियंत्रित रहा। अगले दिन सुबह नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टर से परामर्श लिया। अब उनका बच्चा बिल्कुल स्वस्थ है।

उस शिशु को दोबारा कैसे गर्माहट दें जिसे ठंड लग गई हो:
कमरे का तापमान बढ़ाएँ।
गीले या ठंडे कम्बल और कपड़े हटा दें।
शिशु को मां के शरीर से सटाकर लिटाएँ, शिशु में गर्माहट न आ जाए तब तक ऐसा करते रहे, जब तक कि शिशु का तापमान सामान्य न हो जाए।
उसे कपड़े और टोपी पहनाएँ, गर्म थैली में रखें और उसे माता के निकट लिटाएँ।
शिशु के शरीर में कैलोरी और तरलों का स्तर बनाए रखने के लिए उसे स्तनपान कराना जारी रखें ताकि उसका रक्त शर्करा स्तर कम न हो।

एचबीएनसी कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य
नियमित निगरानी: आशा कार्यकर्ता नवजात शिशु के जन्म के बाद नियमित अंतराल पर घर पर जाकर उसकी स्थिति की जांच करना।
टीकाकरण: समय पर टीकाकरण सुनिश्चित करने के लिए परिवारों को जागरूक करना।
स्तनपान: माताओं को स्तनपान की महत्वता और सही तरीके के बारे में जानकारी देना।
स्वच्छता: नवजात शिशु और माँ की स्वच्छता पर विशेष ध्यान देना।
शारीरिक जाँच: शिशु के वजन, तापमान, और अन्य शारीरिक स्थिति की नियमित जांच करना।
परिवार की भूमिका: परिवार को नवजात शिशु की देखभाल में उनकी भूमिका के प्रति जागरूक करना।

Written by
Agraleaks Team

AgraLeaks is a prominent digital news platform dedicated to delivering timely and reliable news from Agra and the surrounding regions. Established over a decade ago, AgraLeaks has become a trusted source of local journalism, covering a wide range of topics including city news, politics, education, business, sports, health, and cultural events. Its mission is to keep citizens informed and connected with developments that directly impact their community. With a strong focus on hyperlocal reporting, AgraLeaks provides real-time updates on important incidents, civic issues, public events, and government initiatives. Over the years, it has built a reputation for fast reporting and comprehensive coverage, making it one of the most recognized local news portals in Agra. The platform also features regional, national, and international news to offer readers a broader perspective beyond the city. Driven by the principle “Apki Khabar Hamari Nazar” (Your News, Our Watch), AgraLeaks continues to serve as a vital voice of the city, empowering readers with accurate information and strengthening the local media ecosystem through digital journalism.

Related Articles

आगराहेल्थहेल्थ कम्युनिटी

Agra Health News: Dental & Skin Makeup camp by Dr. Natasha Yadav today in Agra

आगरालीक्स …Agra News: आगरा में आगरा में ‘कॉस्मोडेंट’ द्वारा आज विशाल डेंटल...

हेल्थ

Agra News: Successful Surgery of complicated CSF Rhinorrhea using Laparoscopic method at SN Medical College, Agra…#agranews

आगरालीक्स…आगरा के एसएन में डॉक्टरों का कमाल. 35 साल की महिला के...

हेल्थ

Agra News: Doctors at SN Medical College save the life of a 1.4 kg newborn…#agranews

आगरालीक्स…आगरा के एसएन में 1.4 किलो के बच्चे की हुई जटिल ‘गैस्ट्रोस्चिसिस’...

हेल्थ

Agra News: 202 Nursing Officers Receive Joining Letters for SN Medical College, Agra…#agranews

आगरालीक्स…आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज के लिए 202 नर्सिंग आफिसर्स को मिला...

error: Content is protected !!