आगरालीक्स…आगरा के उजाला सिग्नस रेनबो में दुर्लभ ट्यूमर से जूझ रहे मरीज को मिला जीवनदान. डॉक्टर सिद्धार्थ दुबे ने की सफल सर्जरी. जायंट इंट्रा मस्कुलर लाइपोमा ट्यूमर से ग्रसित था मरीज, देश का पहला मामला
दुर्लभ ट्यूमर से जूझ रहे मरीज की उजाला सिग्नस रेनबो हॉस्पिटल में सर्जरी कर जान बचाई गई। उसे जायंट इंट्रा मस्कुलर लाइपोमा नामक ट्यूमर था। पूरे देश में इस तरह का मामला सामने नहीं आया। यह भारत का पहला और विश्व का 11वां केस है। मरीज अब पूरी तरह स्वस्थ है। वरिष्ठ हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉक्टर सिद्धार्थ दुबे ने बताया कि मूल रूप से वाराणसी निवासी वरुण के पैर में सूजन थी और वह लंबे समय से चलने-फिरने में असहजता महसूस कर रहे थे। कपड़े पहनने में भी परेशानी होने लगी थी। जांच के दौरान ट्यूमर की बायोप्सी कराई गई, जिसमें जायंट इंट्रा मस्कुलर लाइपोमा की पुष्टि हुई। आम तौर पर लाइपोमा ट्यूमर सामान्य पाए जाते हैं, लेकिन यह विशेष प्रकार का था जो बहुत ही दुर्लभ श्रेणी में आता है। एक जनरल में छपी रिपोर्ट के अनुसार, विश्व भर में इस तरह के कुल 10 केस रिपोर्टेड हैं। डॉक्टर दुबे ने बताया कि यह ट्यूमर घुटने की मांसपेशियों के पीछे स्थित था और इसकी लंबाई लगभग 21 सेंटीमीटर थी, जो कि सामान्य ट्यूमर आकार (10 सेंटीमीटर) से दोगुना बड़ा था। यह खून की नसों पर दबाव डाल रहा था, जिससे पैर में ब्लड सप्लाई बाधित हो रही थी और चलने में कठिनाई हो रही थी। इस जटिलता के बावजूद, डॉक्टर दुबे और उनकी टीम ने पूरी सावधानी और कुशलता से ऑपरेशन कर ट्यूमर को सफलतापूर्वक हटा दिया। सर्जरी के बाद वरुण की स्थिति में तेजी से सुधार हुआ और अब वह पूरी तरह स्वस्थ हैं। यह उपलब्धि न केवल उजाला सिग्नस रेनबो हॉस्पिटल के लिए गौरव का विषय है, बल्कि भारतीय चिकित्सा जगत के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण है कि सही समय पर सटीक इलाज से दुर्लभ बीमारियों से भी जीत संभव है।