आगरालीक्स…उजाला सिग्नस रेनबो हॉस्पिटल में 30 बालिकाओं के लगाए सर्वाइकल कैंसर रोधी टीके. अस्पताल में अब बिना सुई और दर्द रहित टीके की सुविधा. रोटरी क्लब आफ आगरा ग्रेस ने लगाया कैंप
चिकित्सा क्षेत्र में नई तकनीकों को अपनाने में अग्रणी उजाला सिग्नस रेनबो हॉस्पिटल ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अब अस्पताल में बिना सुई और दर्द रहित टीकाकरण की सुविधा उपलब्ध हो गई है। शुक्रवार को रोटरी क्लब ऑफ आगरा ग्रेस की ओर से लगाए गए कैंप में इसी तकनीक से 30 बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए दूसरी डोज दी गई। इस अभियान के तहत अब तक कुल 400 बच्चियों का टीकाकरण हो चुका है।उजाला सिग्नस रेनबो हॉस्पिटल के एमडी एवं जाने माने स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर नरेंद्र मल्होत्रा ने बताया कि यह तकनीक न केवल बच्चों को टीकाकरण के दौरान दर्द और डर से बचाती है, बल्कि भविष्य में टीकाकरण की प्रक्रिया को भी अधिक सहज और प्रभावी बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। यह सुविधा विशेष रूप से बच्चों और सुई से डरने वाले लोगों के लिए एक वरदान साबित हो रही है।
रोटरी क्लब ऑफ आगरा ग्रेस की संस्थापक अध्यक्ष डॉक्टर जयदीप मल्होत्रा ने बताया कि सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाला एक प्रमुख कैंसर है, जो मानव पैपिलोमा वायरस के कारण होता है। यह संक्रमण सामान्यतः यौन संपर्क से फैलता है और प्रारंभिक अवस्था में इसके लक्षण दिखाई नहीं देते, जिससे समय रहते इसका पता नहीं चल पाता। ऐसे में टीकाकरण एक प्रभावी उपाय है, जो लड़कियों और महिलाओं को इस गंभीर बीमारी से बचा सकता है।
डॉ. मल्होत्रा ने यह भी बताया 9 से 14 वर्ष की आयु की बालिकाओं को यह टीका दिया जाना चाहिए। इस टीके से न सिर्फ कैंसर के जोखिम को कम किया जा सकता है, बल्कि लंबे समय तक उनकी सेहत की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सकती है। क्लब की प्रेसिडेंट रुचि अग्रवाल ने बताया कि इस पहल से आगरा शहर में स्वास्थ्य जागरूकता और सुरक्षा को नई दिशा मिली है। क्लब का लक्ष्य है कि भविष्य में और अधिक बालिकाओं और महिलाओं तक यह टीकाकरण पहुंचाया जाए, ताकि सर्वाइकल कैंसर को जड़ से समाप्त किया जा सके। इस अवसर पर क्लब की सचिव डॉक्टर नीतू चौधरी और कोषाध्यक्ष गरिमा मंगल, स्वाति पारसवानी और रवि अग्रवाल समेत कई लोग मौजूद थे।