मथुरालीक्स…बांकेबिहारी कॉरिडोर को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सेवायत ने दायर की पुनर्विचार याचिका. कहा—मंदिर कोष के उपयोग का निर्णय बिना पक्ष सुने दिया गया…
ठाकुर श्री बांकेबिहारी मंदिर कॉरिडोर को लेकर हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने निर्णय सुनाया था कि सरकार जमीन अधिग्रहण के लिए मंदिर के कोष का उपयोग कर सकती है. अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के लिखाफ सेवायत द्वारा पुनर्विचार याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई है. याचिका में कहा गया है कि मंदिर कोष के उपयोग का निर्णय बिना उनका पक्ष सुने लिया गया.याचिका दायर करने वाले सेवायत देवेंद्र नाथ गोस्वामी ने खुद को मंदिर के मूल संस्थापक का वंशज बताया है. मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई और जस्टिस एजी मसहील की अगुवाई वाली पीठ के समक्ष यह याचिका दायर की गई है जिसमें सेवायत देवेंद्र नाथ गोस्वामी ने कहा कि वह मंदिर के मूल संस्थापक स्वामी श्री हरिदास जी गोस्वामी के वंशज हैं. उनका परिवार 500 साल से अधिक पुरानी परंपरा के अनुसार मंदिर के मामलों का प्रबंधन कर रहा है. मंदिर के मामलों और धन के प्रशासन और प्रबंधन का मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट में लंबित है.
उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने कॉरिडोर के लिए राज्य सरकार की 500 करोड़ रुपये की विाकस योजना में मंदिर के कोष के उपयोग की अनुमति दी है. इस अनुमति को देते समय हमें पक्षकार नहीं बनाया यगा और न ही सुनवाई का अवसर दिया गया.