मथुरालीक्स…शरीर पर देवी—देवताओं के टैटू पर संत प्रेमानंद ने की युवाओं से ऐसा पाप न करने की अपील. कहा—श्रद्धा हृदय में होनी चाहिए
वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज के दर्शनों के लिए हजारों की संख्या में रोजाना लोग पहुंचते हैं. रात्रि पदयात्रा में उनके दर्शन करते हैं और आश्रम में वार्तालाप के जरिए प्रेमानंद महाराज लोगों की समस्याओं का समाधान धार्मिक दृष्टिकोण से करते हैं. हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान संत प्रेमानंद महाराज ने भगवान के नाम या चित्रों के टैटू शरीर के अंगों पर बनवाने को अनुचित करार दिया और अपील की कि ऐसा पाप न करें. संत प्रेमानंद महाराज ने कहा कि हाथों, पैरों या अन्य शारीरिक अंगों पर देवी देवतातओं के नाम या स्वरूपों का टैटू बनवाना धार्मिक दृष्टिकोण से पाप की श्रेणी में आताहै. एक युवक के हाथ पर बने महादेव के टैटू को देखकर संत ने ये टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि इन्ळीं हाथों से शौचालय जाते हैं, नहाते वक्त उन्हीं हाथों पर पानी डालते हैं. ऐसे में भगवान के नाम या रूप पर जल गिराना या उन्हें अपवित्र करना कहीं न कहीं धर्म के खिलाफ है. यह आस्था का अपमान है. उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे धार्मिक प्रतीकों और नामों का सम्मान करें और उन्हें इस तरह टैटू के रूप में शरीर पर न बनवाएं. उन्होंने कहा कि श्रद्धा हृदय में होनी चाहिए, शरीर पर नहीं.