आगरालीक्स…59 वर्षीय महिला के ब्रेन में थी जानलेवा सिस्ट. उजाला सिग्नस रेनबो हॉस्पिटल के डॉक्टर अंकित जैन ने की सफल सर्जरी…
उजाला सिग्नस रेनबो हॉस्पिटल में मस्तिष्क के संवेदनशील हिस्से में मौजूद जानलेवा सिस्ट का इलाज कर मरीज की जान बचाई। तरल पदार्थ के प्रवाह को रोक रही सिस्ट का ऑपरेशन एंडोस्कोपिक विधि से किया गया। आगरा मंडल में इस तरह की तकनीक से की गई यह पहली ब्रेन सर्जरी है। न्यूरो सर्जन डॉ. अंकित जैन ने बताया कि जांच में 59 वर्षीय महिला मरीज के ब्रेनस्टेम के पास 6.1x4.6x4.7 सेंटीमीटर की क्वाड्रिजेमिनल अरेक्नॉइड सिस्ट पाई गई, जो मस्तिष्क में तरल पदार्थ (सीएसएफ) के प्रवाह को रोक रही थी। इससे मरीज को हाइड्रोसेफेलस की गंभीर स्थिति हो गई थी, जिसमें मस्तिष्क में पानी जमा होने से सिरदर्द, दृष्टि में समस्या और चलने में असंतुलन जैसे लक्षण दिखाई दिए। सिस्ट ब्रेनस्टेम के पास थी, जो शरीर की महत्वपूर्ण क्रियाओं को नियंत्रित करता है। डॉ. जैन ने एंडोस्कोपिक सिस्टो-वेंट्रिकुलोस्टॉमी एंड एंडोस्कोपिक थर्ड वेंट्रिकुलोस्टॉमी (ईटीवी) प्रक्रिया के माध्यम से सिस्ट से अवरुद्ध मार्ग को खोलकर नया रास्ता बनाया, वह भी बिना किसी शंट (नली) के उपयोग के। इस जटिल स्थिति का इलाज एंडोस्कोपिक तकनीक से किया गया। आमतौर पर ऐसी स्थिति में ब्रेन को खोलकर ऑपरेशन किया जाता है, जिससे मरीज को कष्ट भी होता है और रिकवरी होने में समय लगता है। एंडोस्कोपिक तकनीक में ऐसा नहीं है। इस विधि से रिकवरी जल्दी हो जाती है। यह सर्जरी तकनीकी रूप से अत्यंत जोखिमपूर्ण थी, लेकिन डॉक्टरों की विशेषज्ञता और आधुनिक तकनीक के कारण यह पूरी तरह सफल रही। मरीज अब स्वस्थ है और सामान्य जीवन की ओर अग्रसर है।