आगरालीक्स…आगरा में चंबल नदी खतरे के निशान को पार कर गांवों में पहुंची. कई गांवों में भरा पानी, सहमे लोग. प्रशासन ने बाढ़ पीड़ितों को बांटी राहत किट
आगरा के पिनाहट में चंबल नदी खतरे के निशान को पार कर गई है. 130 मीटर पर खतरे का निशान है जबकि चंबल 133 मीटर पर बह रही है. इसके कारण चंबल नदी का पानी तटवर्ती गांवों में घुस गया है और यहां बाढ़ की स्थिति बन गई है. हाल ये है कि कई गांवों में पानी भर गया है और लोग पलायन कर गए हैं. इधर बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए जिला प्रशासन की ओर से राहत किट वितरित की जा रही है. दो दिन से लगातार जिलाधिकारी चंबल की स्थिति पर नजर रखे हुए थे.राजस्थान और मध्य प्रदेश के साथ यूपी में हो रही जोरदार बारिश और कोटा बैराज व बनास नदी बांध के छह गेट खोलकर भारी मात्रा में पानी आगरा की ओर डिस्चार्ज किया गया है. इसके चलते चंबल नदी का जलस्तर गुरुवार सुबह ही खतरे के निशान को पार कर गया. नदी किनारे बसे गांव के लोग पशुओं को लेकर सुरक्षित स्थानेां पर पहुंच गए हैं. इधर प्रशासन भी चंबल के तेवर को देखकर अलर्ट हो गया है. बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं और लेखपाल और कानूनगों की ड्यूटियां लगाई गई हैं.
प्रशासन ने बांटी राहत किटजिला प्रशासन द्वारा बाढ़ पीड़ित परिवारों को राहत किट का वितरण किया गया. तहसील बाह के क्षेत्रांतर्गत चंबल नदी में आई बाढ़ से ग्राम गोहरा, भटपुरा, पुरा डाल, पूरा झरना के पीड़ित परिवारों को बाढ़ राहत किट का वितरण जनप्रतिनिधि बाह लाल सिंह चौहान ब्लॉक प्रमुख बाह अपर जिलाधिकारी (वि०/रा०) शुभांगी शुक्ला उप जिलाधिकारी हेमन्त कुमार बिंद बाह द्वारा किया गया. साथ ही मुख्य चिकित्साधिकारी अरुण कुमार श्रीवास्तव राजस्व विभाग के साथ में रहे एवं उनके द्वारा झरनापुरा , सिमराई,गोहरा अंतर्गत chc बाह की मेडिकल टीमों को ग्रामों में भेज हेल्थ कैंप लगवाकर आवश्यक दावों का वितरण कराया गया. पशु चिकित्सा अधिकारी द्वारा पशुओं के लिए उचित व्यवस्था किए जाने हेतु टीम को भेजा गया. ग्राम वासियों को गांव से बाहर आने जाने हेतु एसडीआरएफ की टीम लगी हुई है जो कि ग्राम वासियों को उनकी आवश्यकता के अनुसार आने ले जाने में मदद कर रही है.

