आगरालीक्स…आगरा में महिला का दर्द…वैष्णोदेवी हादसे में बेटी की हुई मौत, खुद का पैर कटा…पति ने मुआवजा राशि लेकर घर से निकाल दिया. कार्रवाई के आदेश
रकाबगंज के कुम्हारपाड़ा की रहने वाली मोना अपनी 11 माह की बेटी का मुंडन कराने के लिए वैष्णो देवी गई थी लेकिन रियासी जिले में 26 अगस्त को हुए भूस्खलन में मोना की 11 माह की बेटी, 12 साल की बहन और सास—ससुर की जान चली गई थी. हादसे में मोना को भी अपना एक पैर गंवाना पड़ गया था.
पत्नी को बड़ी बेटी के साथ घर से निकाला
सोमवार को राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान ने सर्किट हाउस में महिला उत्पीड़न से संबंधित जन सुनवाई की. इसमें वैष्णो देवी हादसे की शिकार मोना भी पहुंची. महिला जन सुनवाई में मोना निवासी कुम्हारपाड़ा आगरा ने बताया कि वैष्णोदेवी हादसे में उसकी बेटी की मृत्यु हो गई थी तथा उसको एक पैर गंवाना पड़ा लेकिन पति ने सरकार द्वारा प्रदत्त मुआवजा राशि प्राप्त कर उसे बड़ी बेटी के साथ घर से निकाल दिया है. इस पर राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहा ने मौके पर ही संबंधित थाने पर बात की तथा प्रकरण में की गई कार्यवाही की जानकारी कर संबंधित के विरुद्ध कार्यवाही करने, मुआवजा राशि दिलाने तथा बेटी को कन्या सुमंगला योजना में पंजीकृत करने के निर्देश दिए.
पति ने की मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में फर्जी शादी
एक अन्य प्रकरण में सोनी निवासी थाना दक्षिण, जिला फिरोजाबाद ने अपने शिकायती पत्र में बताया कि उसके पति द्वारा विवाहित होते हुए भी अन्य महिला से फर्जी कागजात तैयार कर मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में शादी कर ली है तथा उसे घर से निकाल दिया है, इस पर राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ने प्रकरण गंभीरता से सुनकर संबंधित के विरुद्ध जांच कर कड़ी कार्यवाही के निर्देश दिए.
53 शिकायती आवेदन आए
जन सुनवाई में बड़ी संख्या में महिला फरियादियों द्वारा घरेलू हिंसा, पति तथा उसके परिवार बालों द्वारा उत्पीड़न, दहेज,मारपीट आदि महिला अपराध संबंधी मामलों को सुनकर निस्तारण किया गया। जन सुनवाई में कुल 53 शिकायती आवेदन प्राप्त हुए जिन्हें संबंधित विभागों को गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए।