आगरालीक्स…(Video) अस्पतालों में डॉक्टर का हेल्पर बनेगा एआई. मरीज भर्ती करने से लेकर इलाज तक में करेगा मदद. आगरा में 100 से अधिक डॉक्टरों ने ली ट्रेनिंग
मरीजों के इलाज में भी अब एआई डॉक्टरों का सहयोगी बनेगा। मरीज को भर्ती करने से लेकर, आईसीयू केयर, डिस्चार्ज और चिकित्सा बीना की जटिलताओं को सुलझाएगा। जिससे डॉक्टरों की समय बचेगा और जिससे निश्चित समय में अपेक्षाकृत अधिक मरीजों का परीक्षण और भी बेहतर तरीके से हो पाएगा। साथ ही मरीजों को भी जटिल परिस्थितियों में बार-बार डॉक्टर के पास जाने या अपने परीक्षण के लिए अधिक समय तक इंतजार करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।एसोसिएशन्स ऑफ सर्जन्स ऑफ इंडिया के यूपी चैप्टर व सिनर्जी प्लस हॉस्पीटल के सहयोग से फतेहाबाद स्थित होटल ग्रांड मैक्योर में जेनरेटिव एआई फॉर हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें देश भर से आए 100 से अधिक विशेषज्ञों ने ट्रेनिंग ली। कोर्स निदेशक डॉ. मयंक जैन ने बताया कि जिस तेजी से दौर बदल रहा है, उसमें डॉक्टर्स को एआई की जानकारी लेना बहुत जरूरी है। एआई रिसर्च, पब्लिकेशन, प्रिजेन्टेशन जैसी चीजों में बहुत सहयोगी है। एआई के अच्छे पक्ष को एकेडमिक व क्लीनिकल काम में अपना कर मरीज के इलाज में सहयोगी बना सकते हैं।
किसी जटिल समस्या में डॉक्टर का बार-बार मरीज के पास जाना, रेडियोलॉजी व पैथोलॉजी की रिपोर्ट को सम्मलित रूप से विश्लेषण कर इलाज के लिए सही निर्णय लेने में एआई बहुत मददगार है। डॉ. मयंक इससे पूर्व भी पूरे भारत में इसी तरह के एआई कार्यक्रम आयोजित कर चुके हैं। जनरेटिव एआई सीखना अब डॉक्टरों के लिए वैकल्पिक नहीं है। विवेकपूर्ण तरीक़े से उपयोग करें, तो यह दक्षता को बढ़ा सकता है। स्वास्थ्य सेवा के भविष्य की ओर एक महत्वपूर्ण कदम को चिह्नित करता है। कार्यक्रम को उत्तर प्रदेश चिकित्सा परिषद द्वारा 3 सीएमई क्रेडिट अंक से सम्मानित किया गया है, जो इसकी शैक्षिक प्रासंगिकता और गुणवत्ता को दर्शाता है।
रोबोटिक जनरल सर्जन (एआई) दिल्ली अपोलो के डॉ. अंशुमन कौशल ने बताया कि मरीज के इलाज के हर क्षेत्र में भर्ती करने की प्रक्रिया से लेकर रेडियोलॉजिकल, पैथोलॉजी, ऑपरेशन, आईसीयू केयर, डिस्चार्ज, इन्शोरेन्स से लेकर सभी में मदद करता है। मरीज की रिकवरी को सुनश्चित करता है यदि जिम्मेदारी के साथ इसका उपयोग किया जाए। शुभारम्भ डॉ. रमाकान्त यादव, एसएन मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. प्रशान्त गुप्ता, डॉ. ज्ञानप्रकाश, डॉ. मयंक, डॉ. सुमेन्द्र पाल सिंह, डॉ. मनोज सिंघल, डॉ. प्रशान्त लवानिया ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। ट्रेनिंग फैकल्टी में मुख्य रूप से दिल्ली ओपोलो से रोबोटिक जनरल सर्जन डॉ. अंशुमन कौशल, सहारनपुर से डॉ. शिप्रा तिवारी, नागपुर से डॉ. निमिषा कंथारिया, लखनऊ से डॉ. विनायक मिश्रा थे। इस अवसर पर मुख्य रूप से डॉ. रणवीर त्यागी, डॉ. नरेन्द्र देव, डॉ. शिखा सिंह, डॉ. सुरेन्द्र पाठक, डॉ. अंकुर बंसल आदि उपस्थित थे।