आगरालीक्स…’मैं ईमानदार हूं’, इस कहानी में विश्वास है, नैतिकता है, मानवीय मूल्य हैं! इस खबर को पढेंगे तो यकीनन आप भी कहेंगे कि आगरा को चाहिए ऐसे ‘नीरज और नूर’
किराए की कोठरियों में रहने वाले और पेशे से आटो चलाकर गुजर—बसर करने वालों का भी ईमान नहीं डगमगा रहा। वे आए दिन मेहमानों के पैसा, गहने, कपड़े और जरूरी कागजात लौटा रहे हैं। ये लोग चाहें तो आराम से इसे अपने पास रख सकते हैं, जब तक दावेदारी न हो। लेकिन यात्रियों से संपर्क कर वे इन्हें सुरक्षित रूप से लौटा रहे हैं। कभी किसी परिस्थिति में यात्री से संपर्क न हो पाए तो वे सामान को पुलिस के पास पहुंचा रहे हैं। हालिया मामला एसओएस के आटो चालक नीजर तिवारी और नूर मोहम्मद से जुड़ा है। सोमवार यानि 5 जनवरी 2025 की सुबह देहरादून से आगरा घूमने आए एक युवक सुबह 10 बजे करीब बालूगंज नीरज के आटो में सवार हुए और ताजमहल पर उतरे। इस बीच वे अपना बैग आटो में ही भूल गए। कुछ देर बाद नीरज ने आटो में बैग देखा तो समझते देर न लगी कि बैग उसी सवारी का है। किसी तरह वापस ताजमहल पहुंचे और बैग वापस किया। युवक ने बताया कि बैग में उसके बेहद जरूरी कागजात थे जिनके खो जाने पर उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ता। बैग वापस मिलने पर आगरा घूमने आए यह मेहमान नीरज और साथ ही साथ आगरा शहर की तारीफ करते—करते नहीं थक रहे थे।वहीं कुछ दिन पहले झारखंड से आगरा घूमने आए दो युवक आगरा कैंट रेलवे स्टेशन से आटो चालक नूर मोहम्मद के आटो में सवार हुए थे। नूर ने उन्हें कई जगह घुमाने के बाद ईदगाह बस स्टेंड छोड़ा। कुछ देर बाद सवारी का बैग छूट जाने का अहसास हुआ। नूर को समझते देर न लगी और वापस ईदगाह बस स्टेंड पहुंच गए। यहां सवारी परेशान थी। उन्हें पता था कि बैग आटो में छूटा है लेकिन नूर से संपर्क नहीं हो पा रहा था। बैग में 4000 रूपये के साथ जरूरी सामान था। आखिरकार बैग वापस पाकर इन मेहमानों के चेहरे भी खुशी से खिल उठे। युवकों ने नूर से कहा कि यकीनन यह शहर अच्छा होगा कि यहां उनके जैसे ईमानदार लोग हैं।
हालांकि आगरा में आटो चालकों की ईमानदारी के यह कोई पहले और दूसरे मामले नहीं हैं। टीम एसओएस के आटो चालक लगातार ईमानदारी की मिसाल पेश करते आ रहे हैं। ये इस शहर की छवि को अच्छा बनाते हैं। एसओएस के संस्थापक डॉ. नवीन गुप्ता इन आटो चालकों को प्रशिक्षित कर रहे हैं। वे उन्हें विश्वास, नैतिकता और मानवीय मूल्यों से अवगत कराते रहते हैं। डॉ. गुप्ता ने कहा कि सामान छूट जाने पर व्यक्ति को तनाव, चिंता, और बेचैनी महसूस होती है, खासकर जब वह सामान कीमती या जरूरी हो, जिससे मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़ता है और व्यक्ति परेशान रहता है। हम भाग्यशाली हैं कि हमारे आटो चालक ईमानदार और मेहमानों के साथ व्यवहार में निपुण हैं।