आगरालीक्स…Video. आगरा किले में गूंजने लगी शिवाजी की शौर्य गाथा. महाराष्ट्र के सीएम फडणवीस और राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ भी आयोजन में पहुंचे. किले के अंदर लेजर शो तो बाहर ढोल—नगाड़े की गूंज
ताजनगरी एक बार फिर छत्रपति शिवाजी महाराज के शौर्य और पराक्रम की गाथाओं से गूंज रही है और इसका साक्षी बना है आगरा किला. शिवाजी महाराज की 396 वीं जयंती के अवसर पर आगरा किले में लगातार चौथे वर्ष भव्य 'शिव जयंती उत्सव' का आयोजन किया जा रहा है. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ भी आयोजन में पहुंच गए हैं. उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, सांसद नवीन जैन, डीएम अरविंद मलप्पा बंगारी, अपर पुलिस आयुक्त रामबदन ने उनका स्वागत किया.
किले में शुरू हुई शौर्यगाथा
छत्रपति शिवाजी महाराज की शौर्यगाथा आगरा किला में शुरू हो गई है. बाहर जहां ढोल और नगाड़े बजाए जा रहे हैं तो वहीं अंदर शौर्य गाथा चल रही है. आगरा किला पर सुबह से ही महाराष्ट्र के पारंपरिक ढोल नगाड़ों की गूंज सुनाई देने लगी. मराठी कलाकारों के जोशीले प्रदर्शन से पूरा परिसर उत्साह और शिवाजी महाराज के जयघोष से गूंजने लगा. इस दौरान महिलाएं भी शामिल रही. इससे पहले किला के बाहर शिवाजी महाराज की प्रतिमा पर क्रेन की मदद से भव्य माला चढ़ाई गई.
राष्ट्र नायकों को सम्मान: 'शिवाजी' के नाम पर बन रहा भव्य म्यूजियम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यूपी सरकार राष्ट्र नायकों की विरासत को सहेजने का ऐतिहासिक कार्य कर रही है. राष्ट्रवाद और आत्मसम्मान की भावना जगाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री योगी ने सितंबर 2020 में स्पष्ट संदेश दिया था कि हमारे नायक शिवाजी हैं, मुग़ल नहीं. इसी के तहत उन्होंने ताजमहल के पूर्वी गेट के पास निर्माणाधीन 'मुगल म्यूजियम' का नाम बदलकर 'छत्रपति शिवाजी महाराज म्यूजियम' कर दिया था.
लगभग 6 एकड़ क्षेत्र में 141 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह आधुनिक म्यूजियम दिसंबर 2026 तक बनकर तैयार हो जाएगा. इसमें अत्याधुनिक तकनीक और इंटरैक्टिव गैलरी के जरिए शिवाजी महाराज की वीरता और आगरा किले से उनके साहसपूर्ण ढंग से निकलने की ऐतिहासिक घटना को दर्शाया जाएगा. इसके अलावा, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र सरकार मिलकर 'कोठी मीना बाजार' को भी एक भव्य स्मारक के रूप में विकसित करने की व्यापक योजना पर काम कर रही हैं. जहां 1666 में औरंगजेब ने शिवाजी को नजरबंद रखा था. आगरा किले के सामने पहले से ही शिवाजी महाराज की भव्य प्रतिमा स्थापित है, जो उनके अदम्य साहस की याद दिलाती है.